निदेशालय की सख्ती के बाद कोर्ट में आत्मसमर्पण

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस मामले में आरोपी पूर्व IAS अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।

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सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने हाल ही में शुक्ला के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए उन्होंने अदालत में पेश होकर स्वेच्छा से सरेंडर कर दिया। शुक्ला के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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ईडी ने नान घोटाले में करोड़ों रुपये के गबन, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करते हुए शुक्ला को प्रमुख आरोपी बताया है। आरोप है कि खाद्यान्न वितरण और आपूर्ति में भारी अनियमितताएं की गईं, जिनमें उच्च पदस्थ अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है।

कोर्ट में सरेंडर के दौरान ईडी ने शुक्ला की न्यायिक हिरासत की मांग की, जिस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए अगली तारीख तय की है। फिलहाल शुक्ला को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

यह मामला राज्य के प्रशासनिक इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक माना जाता है। अब सबकी निगाहें ईडी की आगे की जांच और अन्य संभावित गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

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