SDM Office : SDM कार्यालय की साख पर सवाल, रिश्वत मांगने का ऑडियो चर्चा में

SDM Office SDM Office
SDM Office

SDM Office , बिलासपुर। जिले में एसडीएम कार्यालय से जुड़ा रिश्वतखोरी का गंभीर मामला उजागर हुआ है। ग्राम पंचायत भिलमी के सरपंच पद के पराजित प्रत्याशी वासुदेव बिजोरे से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए एक ऑडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप सीधे एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर नरेंद्र कुमार कौशिक पर लगे हैं, जिसने कथित तौर पर पुनर्गणना (री-काउंटिंग) में जीत दिलाने की गारंटी देकर यह भारी-भरकम राशि मांगने की बात कही है।

CGPSC Notification 2025 : CGPSC 2025 नोटिफिकेशन आज जारी, डिप्टी कलेक्टर और DSP पदों में बड़ी बढ़ोतरी

ऑडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप

सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो में एक व्यक्ति कथित रूप से वासुदेव बिजोरे से लाखों रुपये की मांग करता सुनाई दे रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद पंचायत क्षेत्र से लेकर जिला प्रशासन तक हलचल मच गई है। लोग प्रशासनिक कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।

Advertisement

पराजित प्रत्याशी ने कलेक्टर से की शिकायत

पराजित प्रत्याशी वासुदेव बिजोरे ने पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत कलेक्टर को सौंपकर रीडर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बिजोरे का आरोप है—

  • रीडर ने उन्हें फोन कर पुनर्गणना कराने का भरोसा दिलाया

  • बदले में 10 लाख रुपये की मांग रखी

  • रकम देने पर चुनाव परिणाम बदलवाने की बात कही गई

उन्होंने कहा कि यह घटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है और इस पर कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।

जांच के आदेश की तैयारी

कलेक्टर कार्यालय ने ऑडियो की सत्यता की जांच और आरोपों की पुष्टि के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार,

  • ऑडियो की फॉरेन्सिक जांच

  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड

  • शिकायतकर्ता का बयान

  • संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण
    जैसे बिंदुओं पर जांच की जाएगी।

प्रशासन पर उठे सवाल

घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि अफसरों के दफ्तर में बैठा एक रीडर चुनाव परिणाम बदलने जैसी बड़ी बात कर सकता है, तो प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

रीडर पर कार्रवाई की मांग तेज

स्थानीय लोगों और शिकायतकर्ता ने तत्काल प्रभाव से आरोपी रीडर को निलंबित कर जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में कठोर कदम न उठाए गए तो चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खतरे में पड़ सकती है।

Spread the love
Advertisement