Chhattisgarh BJP : हर विधानसभा में संगठन को मजबूत करने की रणनीति

Chhattisgarh BJP  , रायपुर। छत्तीसगढ़ में 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने बड़े संगठनात्मक फेरबदल किए हैं। पार्टी ने प्रदेश की सभी 36 विधानसभा सीटों के लिए नए प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। यह नियुक्ति आदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव द्वारा जारी किया गया। संगठन इसे बूथ स्तर तक मजबूती देने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है।

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संगठन को क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय करने पर जोर

सूत्रों के अनुसार, भाजपा की रणनीति है कि हर विधानसभा क्षेत्र में प्रभारी न केवल राजनीतिक गतिविधियों की निगरानी करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर जनता से संवाद बढ़ाकर संगठन को मजबूत करेगा। प्रभारियों को अपने–अपने क्षेत्रों में पार्टी की योजनाओं, अभियानों और सदस्यता गतिविधियों को तेज करने की जिम्मेदारी दी गई है।

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नए चेहरे और अनुभवी कार्यकर्ताओं का मिश्रण

इस बार नियुक्त किए गए कई प्रभारी संगठन के अनुभवी चेहरे हैं, जिन्हें स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों की गहरी समझ है। वहीं, कुछ नए और युवा कार्यकर्ताओं को भी मौका देकर पार्टी ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि संगठन में युवा नेतृत्व को भी आगे लाया जा रहा है।

2028 चुनाव और पंचायत चुनावों की तैयारी का हिस्सा

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी की यह नियुक्ति आगामी पंचायत चुनावों और आगे की चुनावी तैयारियों का हिस्सा है। पार्टी चाहती है कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक मजबूत टीम बनाकर जमीनी स्थिति को समझा जाए और उसके आधार पर रणनीति बनाई जाए।

केंद्रीय नेतृत्व की भी नजर

बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व भी छत्तीसगढ़ में पार्टी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। हाल में कई केंद्रीय नेताओं की प्रदेश यात्राएं और बैठकों के बाद यह बदलाव संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने के संकेत माना जा रहा है।

पार्टी कार्यालयों में तेज हुई गतिविधियां

नए प्रभारियों की नियुक्ति के बाद जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी इनसे समन्वय में जुट गए हैं। प्रत्येक प्रभारी को अपने क्षेत्र में जल्द ही समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें बूथ समितियों की स्थिति, सक्रिय कार्यकर्ताओं की सूची और स्थानीय मुद्दों पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

भाजपा का लक्ष्य—विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति

पार्टी का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर भी है, जहां पिछले चुनावों में प्रदर्शन कमजोर रहा था। प्रभारियों को ऐसे इलाकों में विशेष रणनीति अपनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।

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