CCTV Tracking : पुलिस के लिए चुनौती 1000 KM, 100 कैमरे, और एक अनसुलझा रहस्य

CCTV Tracking , अकोला, महाराष्ट्र: एक 14 वर्षीय किशोर की गुमशुदगी और उसकी सुरक्षित बरामदगी की कहानी ने महाराष्ट्र पुलिस के अथक प्रयास और तकनीक के सटीक इस्तेमाल का एक शानदार उदाहरण पेश किया है। 11 नवंबर की शाम अकोला से लापता हुए इस लड़के को खोजने में पुलिस को पूरे 21 दिन लगे, जिसके दौरान उन्हें लगभग 1500 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी, 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगालने पड़े, और सात शहरों में तलाशी अभियान चलाना पड़ा।

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 शुरू हुई कड़ी चुनौती

अकोला में एक घर से माता-पिता की मामूली डांट के बाद बिना बताए निकले इस किशोर के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद, पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। शुरुआत में यह मामला एक सामान्य गुमशुदगी का लग रहा था, लेकिन जब लड़के के ठिकाने का कोई सुराग नहीं मिला, तो पुलिस को शक हुआ कि वह शहर से बाहर निकल गया है।

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पुलिस अधीक्षक अर्चित चंदक के नेतृत्व में, एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने पारंपरिक जांच के तरीकों के साथ-साथ तकनीकी निगरानी पर भी ध्यान केंद्रित किया।

200 CCTV कैमरों का जाल

किशोर को खोजने के लिए पुलिस टीम ने अकोला और आसपास के जिलों के मुख्य मार्गों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर लगे 200 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू कर दिया। यह एक विशाल और थका देने वाला काम था, क्योंकि हर फुटेज को घंटों तक बारीकी से देखना पड़ा।

CCTV फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, पुलिस को पता चला कि लड़का धीरे-धीरे दक्षिण की ओर यात्रा कर रहा था। जांच टीम ने एक-एक कर सात शहरों में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें नागपुर, सोलापुर, पुणे और अंततः पंढरपुर तक की यात्रा शामिल थी।

 पंढरपुर में खत्म हुई तलाश

लगभग 1500 किलोमीटर के सफर के बाद, पुलिस टीम को आखिर में पंढरपुर में सफलता मिली। दो दिसंबर को, 21 दिन की कड़ी मेहनत के बाद, पुलिस ने किशोर को पंढरपुर के सरगम चौक इलाके से सकुशल बरामद कर लिया।

किशोर को पंढरपुर में सुरक्षित पाए जाने की खबर से परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। वह अपने घर से इतनी दूर कैसे पहुंचा, इस बात ने न सिर्फ परिवार को, बल्कि जांच टीम को भी हैरान कर दिया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया।

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