Vishnu Dev Sai : छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवहन मजबूत, 180 गांवों में शुरू होंगी बस सेवाएं

Vishnu Dev Sai :  रायपुर, छत्तीसगढ़: राज्य के सुदूर वनांचलों में बेहतर परिवहन सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के द्वितीय चरण का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास, रायपुर से वर्चुअली बसों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। इस योजना के दूसरे चरण में 180 नए गांवों को बस सुविधा से जोड़ने की घोषणा की गई है। इनमें से अधिकांश गांव बस्तर और सरगुजा अंचल के दूरस्थ वन क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ अब तक नियमित परिवहन उपलब्ध नहीं था। योजना के विस्तार से हजारों ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

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क्या है मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना?

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का उद्देश्य उन विस्थापित, आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को परिवहन सुविधा देना है, जो अभी तक मुख्य सड़क नेटवर्क से कटे हुए हैं। पहले चरण में सैकड़ों गांवों को जोड़ा गया था, जिसका सकारात्मक प्रभाव क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर देखा गया।

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दूसरे चरण में सरकार ने

  • दूरस्थ ग्रामीण इलाकों तक बस रूट बढ़ाने,

  • महिलाओं, छात्र-छात्राओं और बुजुर्गों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने,

  • स्थायी ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत करने जैसे लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

बस्तर और सरगुजा के गांवों में मिलेगा बड़ा लाभ

बस्तर और सरगुजा दोनों ही आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं, जहाँ परिवहन की कमी ग्रामीण विकास की बड़ी बाधा रही है। नई बस सुविधा से:

  • ग्रामीणों को जिला मुख्यालयों तक पहुँचना आसान होगा

  • बाजार, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज तक पहुंच में सुधार होगा

  • रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि “हर गांव और हर परिवार तक विकास की रोशनी पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। ग्रामीण बस योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

ग्रामीणों में खुशी, प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा

योजना के शुभारंभ से पहले ग्रामीण प्रशासन और परिवहन विभाग ने बस रूट, स्टॉपेज और सुरक्षा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। बसों में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और आपातकालीन संपर्क सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें सफर में 10–15 किमी पैदल चलने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।

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