Vijayasan Mata Temple : रक्तबीज वध की पौराणिक कथा और विजयासन नाम की महिमा

Vijayasan Mata Temple : माघ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है और इस दौरान शक्ति की उपासना का विशेष महत्व होता है। यदि आप भी इस शुभ अवसर पर माता रानी का आशीर्वाद लेना चाहते हैं, तो मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित विजयासन माता मंदिर (सलकनपुर) एक उत्तम गंतव्य है।

यहाँ इस सिद्धपीठ और वर्तमान में चल रहे गुप्त नवरात्र से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है:

गुप्त नवरात्रि 2026: तिथि और महत्व

वर्ष 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हुई है और यह 27 जनवरी (नवमी तिथि) तक चलेगी।

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  • विशेषता: सामान्य नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि में पूजा को ‘गोपनीय’ रखा जाता है।

  • उपासना: इस दौरान माँ दुर्गा के 9 स्वरूपों के साथ-साथ 10 महाविद्याओं (जैसे माँ काली, तारा, बगलामुखी आदि) की कठिन साधना की जाती है।

  • मान्यता: तंत्र-मंत्र और विशेष कार्यों में सिद्धि प्राप्त करने के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाता है।

विजयासन माता मंदिर, सलकनपुर: एक अद्भुत शक्तिपीठ

विंध्याचल पर्वत की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।

1. मंदिर का इतिहास और महिमा

  • रक्तबीज का वध: पौराणिक कथाओं के अनुसार, माँ दुर्गा ने यहीं पर राक्षस ‘रक्तबीज’ का संहार किया था। विजय प्राप्त करने के बाद माता जिस आसन पर विराजमान हुईं, उसे विजयासन कहा गया।

  • अखंड ज्योत: यहाँ पिछले 400 वर्षों से दो अखंड ज्योत (एक घी और एक तेल की) निरंतर जल रही हैं।

  • शत्रु भय से मुक्ति: माना जाता है कि यहाँ दर्शन मात्र से शत्रुओं पर विजय और भय से मुक्ति मिलती है।

2. मंदिर तक पहुँचने के मार्ग

पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिए भक्तों के पास तीन विकल्प हैं:

  • सीढ़ियां: लगभग 1400 सीढ़ियां चढ़कर भक्त माता के दरबार पहुँचते हैं।

  • सड़क मार्ग: वाहनों के लिए घुमावदार पहाड़ी रास्ता बनाया गया है।

  • रोप-वे (Ropeway): बुजुर्गों और बच्चों के लिए मात्र 5 मिनट में मंदिर पहुँचाने वाली रोप-वे की सुविधा उपलब्ध है।

यात्रा कैसे करें? (How to Reach)

सलकनपुर भोपाल से लगभग 70-80 किमी और सीहोर से करीब 100 किमी की दूरी पर स्थित है।

साधन विवरण
रेल मार्ग निकटतम रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम (होशंगाबाद) है, जो लगभग 32 किमी दूर है। सीहोर स्टेशन से भी यहाँ पहुँचा जा सकता है।
वायु मार्ग भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट सबसे पास है।
सड़क मार्ग भोपाल, इंदौर और नर्मदापुरम से सीधी बसें और टैक्सियाँ उपलब्ध हैं।

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