Google Maps में Gemini AI की एंट्री — गूगल ने अपने नेविगेशन प्लेटफॉर्म को स्मार्ट बनाने के लिए इसमें Gemini AI का गहरा इंटीग्रेशन शुरू कर दिया है। यह अपडेट विशेष रूप से उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो पैदल चलते हैं या साइकिल का उपयोग करते हैं। अब यूजर्स को फोन की स्क्रीन पर लगातार नजर रखने की जरूरत नहीं होगी; वे सीधे बोलकर अपने आस-पास की लोकेशन, मीटिंग शेड्यूल और यहां तक कि दोस्तों को मैसेज भी भेज सकेंगे।
Google Maps में Gemini AI की एंट्री: अब पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों को बोलकर मिलेगी हर जानकारी

वॉकिंग मोड में अब ‘लोकल गाइड’ बनेगा AI
पैदल यात्रियों के लिए नेविगेशन को आसान बनाने के लिए टेक दिग्गज ने इसमें विजुअल संकेतों और वॉयस कमांड का तालमेल बिठाया है। चलते समय यूजर्स अब Gemini से सीधे सवाल कर सकते हैं जैसे, “मैं अभी किस इलाके में हूं?” या “आस-पास सबसे अच्छी रेटिंग वाले कैफे कौन से हैं?”। AI न केवल बोलकर जवाब देगा, बल्कि स्क्रीन पर महत्वपूर्ण विजुअल संकेत भी दिखाएगा ताकि यूजर को रास्ता समझने में भ्रम न हो।
साइकिल सवारों के लिए रियल-टाइम अपडेट्स
साइकिल चलाते समय फोन का इस्तेमाल करना जोखिम भरा होता है। इसे ध्यान में रखते हुए, अब साइकिल सवार बिना रुके अपने पहुंचने के अनुमानित समय (ETA) के बारे में पूछ सकते हैं। इसके अलावा, नेविगेशन के दौरान ही यूजर्स अपनी अगली मीटिंग का समय जान सकते हैं या हाथों का इस्तेमाल किए बिना वॉयस कमांड से टेक्स्ट मैसेज भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए, यूजर कह सकता है, “ऋचा को मैसेज करो कि मैं 30 मिनट में घर पहुंच जाऊंगा,” और AI इसे बैकग्राउंड में प्रोसेस कर देगा।
फॉलो-अप सवालों और EV चार्जिंग की भी सुविधा
नवंबर में इस फीचर के शुरुआती रोलआउट के बाद, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Gemini अब फॉलो-अप क्वेरी (एक के बाद एक पूछे जाने वाले सवाल) को भी समझ सकता है।
- रास्ते में पड़ने वाले EV चार्जिंग स्टेशनों की खोज करना आसान होगा।
- किसी खास लैंडमार्क या स्थानीय प्रसिद्ध जगह की जानकारी लेना संभव होगा।
- लाइव लोकेशन और ETA सीधे मैप्स इंटरफेस से दोस्तों के साथ शेयर की जा सकेगी।
“हमारा लक्ष्य नेविगेशन को सिर्फ रास्ता दिखाने तक सीमित न रखकर उसे एक पर्सनल असिस्टेंट के रूप में विकसित करना है, जो यूजर के परिवेश को समझ सके।”
— गूगल प्रोडक्ट हेड (AI नेविगेशन डिवीजन)
आम नागरिकों पर इसका प्रभाव
इस अपडेट का सबसे बड़ा असर उन डेली कम्यूटर्स पर पड़ेगा जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में मैप्स का सहारा लेते हैं। अब उन्हें हर मोड़ पर रुककर फोन देखने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, वॉइस-एक्टिवेटेड फीचर्स की मदद से सड़क पर ध्यान केंद्रित रखना आसान होगा, जिससे सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है।