इस बार क्या है खास?
इस साल का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में कई मायनों में ऐतिहासिक और अलग है:
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नया रिकॉर्ड: इस बार कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। यदि कुल सहभागिता (गतिविधियों सहित) को देखें, तो यह आंकड़ा 6.76 करोड़ के पार पहुँच गया है।
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मल्टी-सिटी फॉर्मेट: पहली बार यह कार्यक्रम केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नई दिल्ली (7, लोक कल्याण मार्ग) के साथ-साथ देवमोगरा (गुजरात), कोयंबटूर (तमिलनाडु), गुवाहाटी (असम) और रायपुर (छत्तीसगढ़) के केंद्रों से जुड़े छात्रों से एक साथ संवाद कर रहे हैं।
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डिजिटल विस्तार: दूरदर्शन और आकाशवाणी के अलावा, इस बार कार्यक्रम को Amazon Prime Video, Disney+ Hotstar और Spotify जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी लाइव स्ट्रीम किया जा रहा है।
पीएम मोदी के प्रमुख संदेश
प्रधानमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे परीक्षाओं को डर या बोझ के बजाय एक ‘उत्सव’ की तरह मनाएं। चर्चा के मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार हैं:
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तनाव प्रबंधन: परीक्षा के दबाव को हावी न होने देने के लिए ‘टाइम मैनेजमेंट’ और ‘सेल्फ-कॉन्फिडेंस’ पर जोर।
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अभिभावकों की भूमिका: माता-पिता को सलाह कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें और उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
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तकनीक का सही उपयोग: गैजेट्स और सोशल मीडिया के दौर में एकाग्रता (Focus) कैसे बनाए रखें।