गुरुकुल की आड़ में बाल उत्पीड़न का आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि शिविर में रहने वाले बच्चों के साथ कुकर्म किया गया। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अदालत को बताया कि उनके पास इस बाल उत्पीड़न की पुष्टि करने वाले पुख्ता साक्ष्य हैं। अदालत ने बच्चों की मौजूदगी और याचिका को संज्ञान में लिया है।
यह मामला केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान नहीं आया है। कानूनी जानकारों का कहना है कि यदि अदालत इन बच्चों के बयानों के आधार पर FIR का आदेश देती है, तो यह प्रयागराज के धार्मिक संगठनों के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
“गुरुकुल शिक्षा और धर्म की आड़ में मासूम बच्चों का शोषण किया जा रहा है। हमने दो पीड़ित बच्चों को कोर्ट में पेश किया है ताकि सत्य सामने आ सके। यह केवल आरोप नहीं, मासूमों के न्याय की लड़ाई है।” — आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज, याचिकाकर्ता