बिलासपुर | 12 फरवरी, 2026 बिलासपुर में आयकर विभाग (IT) ने कोयला कारोबारियों के खिलाफ एक बड़ी और बेहद गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने शहर के प्रतिष्ठित ‘फिल ग्रुप’ (Phil Group) के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी। इस कार्रवाई की सबसे खास बात यह रही कि छापेमारी करने पहुँचे अफसर किसी सरकारी गाड़ी या वर्दी में नहीं, बल्कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) और सर्वे टीम का कार्ड पहनकर सामान्य गाड़ियों से पहुँचे थे।
फिल्मी स्टाइल में हुई कार्रवाई
आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि कोयला व्यापार और वॉशरी संचालन में बड़े पैमाने पर आय को छिपाया जा रहा है। छापे की खबर लीक न हो, इसलिए टीम ने एक सोची-समझी रणनीति अपनाई:
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पहचान छिपाई: अफसर हाथ में फाइलें और गले में सर्वे टीम का आईकार्ड लटकाकर व्यापारी के घर पहुँचे। सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ को लगा कि कोई निर्वाचन संबंधी सर्वे चल रहा है, इसलिए उन्हें आसानी से अंदर प्रवेश मिल गया।
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अचानक रेड: जैसे ही टीम अंदर पहुँची, उन्होंने अपनी असली पहचान उजागर की और सभी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए।
फिल ग्रुप के ठिकानों पर जांच जारी
कार्रवाई का मुख्य केंद्र बिलासपुर स्थित ‘फिल ग्रुप’ के प्रमोटर प्रवीण झा और प्रदीप झा के ठिकाने रहे।
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दस्तावेज खंगाल रही टीम: आईटी की सर्वे टीम घर और दफ्तर में मौजूद कंप्यूटर, लैपटॉप और वित्तीय लेनदेन के दस्तावेजों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है।
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टैक्स चोरी का संदेह: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वार्षिक रिटर्न और वास्तविक स्टॉक (Raw Material & Finished Goods) की स्थिति में काफी विसंगतियां पाई गई हैं।
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सुरक्षा घेरा: छापेमारी के दौरान किसी को भी परिसर से बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
शहर के व्यापारियों में दहशत
इस अचानक हुई कार्रवाई और अफसरों के ‘छद्म वेश’ ने शहर के अन्य बड़े कारोबारियों में भी बेचैनी पैदा कर दी है। बिलासपुर कोयला व्यापार का एक बड़ा केंद्र है और हाल के दिनों में जीएसटी और आईटी विभाग की यहाँ लगातार सक्रियता देखी गई है।
“आयकर विभाग की टीम आमतौर पर ऐसे ही गुप्त तरीकों का इस्तेमाल करती है ताकि साक्ष्य नष्ट करने का मौका न मिले। फिल ग्रुप के लेनदेन में करोड़ों की टैक्स चोरी की आशंका है।” > — सूत्रों के हवाले से