अंबिकापुर/राजपुर। सरगुजा संभाग से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ शंकरगढ़ थाने में तैनात एक आरक्षक ने अज्ञात कारणों के चलते जहर सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। आरक्षक ने खुदकुशी से पहले अपनी पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी थी, लेकिन जब तक उसे अस्पताल पहुँचाया गया, काफी देर हो चुकी थी।
पत्नी को फोन कर कहा- ‘मैंने जहर खा लिया है’
मृतक आरक्षक की पहचान देवस राम एक्का के रूप में हुई है, जो वर्तमान में शंकरगढ़ थाने में पदस्थ थे। मिली जानकारी के अनुसार, आरक्षक राजपुर स्थित अपने पैतृक ग्राम घोरगड़ी आए हुए थे। मंगलवार को उन्होंने अचानक जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया और अपनी पत्नी को फोन कर बताया कि वह कोटगहना जंगल में है और उसने जहर खा लिया है।
अस्पताल ले जाते समय हुई मौत
आरक्षक की बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। वे आनन-फानन में बताए गए स्थान पर पहुँचे और देवस राम को गंभीर स्थिति में राजपुर चिकित्सालय ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहाँ चिकित्सकों ने गहन स्वास्थ्य जाँच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के आला अधिकारी और सहकर्मी अस्पताल पहुँचे। आरक्षक ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।