सावधान: आपकी ये 7 सामान्य आदतें समय से पहले बूढ़ा कर रही हैं आपका दिमाग; न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने दी चेतावनी

These 7 common habits are prematurely aging your brain These 7 common habits are prematurely aging your brain
These 7 common habits are prematurely aging your brain

आपकी ये 7 सामान्य आदतें समय से पहले बूढ़ा कर रही हैं आपका दिमाग— क्या आप जानते हैं कि आपके मस्तिष्क की उम्र आपकी वास्तविक आयु से अधिक हो सकती है? आधुनिक जीवनशैली और अनजाने में अपनाई गई कुछ आदतें हमारे दिमागी स्वास्थ्य (Brain Health) पर गहरा प्रहार कर रही हैं। अपोलो हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार (MD DM) ने हाल ही में उन 7 घातक आदतों का खुलासा किया है जो धीरे-धीरे याददाश्त को खत्म कर रही हैं और दिमाग को बूढ़ा बना रही हैं।

सावधान: आपकी ये 7 सामान्य आदतें समय से पहले बूढ़ा कर रही हैं आपका दिमाग; न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने दी चेतावनी

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These 7 common habits are prematurely aging your brain

इन 7 गलतियों से घट रही है आपके दिमाग की शक्ति

डॉ. सुधीर कुमार के अनुसार, मस्तिष्क की कार्यक्षमता केवल उम्र पर निर्भर नहीं करती, बल्कि हमारी जीवनशैली के चुनाव इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निम्नलिखित आदतों को दिमाग के लिए सबसे खतरनाक बताया है:

  • अधूरी नींद: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद न लेना दिमागी कोशिकाओं को डैमेज करता है।
  • शारीरिक निष्क्रियता: व्यायाम की कमी से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है।
  • अत्यधिक चीनी का सेवन: हाई शुगर डाइट न केवल शरीर बल्कि न्यूरॉन्स के बीच संचार को भी बाधित करती है।
  • अकेलापन और सामाजिक दूरी: लोगों से न मिलना याददाश्त कम होने का एक प्रमुख कारण बन रहा है।
  • क्रोनिक स्ट्रेस: लगातार तनाव में रहने से ‘कोर्टिसोल’ हार्मोन बढ़ता है, जो हिप्पोकैम्पस (याददाश्त का केंद्र) को सिकोड़ देता है।
  • मल्टीटास्किंग की लत: एक साथ कई काम करने की कोशिश से फोकस कम होता है और दिमाग जल्दी थकता है।
  • प्रोसेस्ड फूड: डिब्बाबंद और जंक फूड में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स ब्रेन इन्फ्लेमेशन का कारण बनते हैं।

विशेषज्ञ की राय: क्या कहते हैं डॉक्टर?

“मस्तिष्क एक लचीला अंग है, लेकिन इसकी भी एक सीमा है। यदि हम अपनी नींद और खान-पान में सुधार नहीं करते, तो 30 की उम्र में भी दिमाग 50 साल जैसा व्यवहार करने लगता है। याददाश्त बनाए रखने के लिए इन आदतों को तुरंत छोड़ना अनिवार्य है।”
— डॉ. सुधीर कुमार, सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट, अपोलो हॉस्पिटल

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आम नागरिकों पर प्रभाव और बचाव के तरीके

शहर के कामकाजी पेशेवर और छात्र सबसे ज्यादा इन आदतों के शिकार हो रहे हैं। देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल और सुबह देर से उठना दिमागी थकान (Brain Fog) का मुख्य कारण बन रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारियों का भी मानना है कि जीवनशैली में बदलाव लाकर अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के खतरे को 40% तक कम किया जा सकता है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि नागरिक अपनी दिनचर्या में 30 मिनट की पैदल सैर शामिल करें और रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल फोन का त्याग करें।

 

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