बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बैंकिंग जगत में हड़कंप मचाने वाले एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की बिल्हा शाखा में हुए 2 करोड़ रुपये के गबन मामले में एसीबी ने तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कैशियर पर बैंक की राशि में हेराफेरी कर धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, बिलासपुर जिले की बिल्हा स्थित एसबीआई शाखा में आंतरिक ऑडिट और जांच के दौरान 2 करोड़ रुपये की भारी कमी पाई गई थी। जांच में सामने आया कि तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक के रिकॉर्ड्स में हेरफेर की और बड़ी रकम का गबन किया। मामले की शिकायत के बाद एसीबी ने जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आज आरोपी को धर दबोचा।
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संदिग्ध मोबाइल जब्त, बड़े खुलासे की उम्मीद
गिरफ्तारी के साथ ही एसीबी की टीम ने आरोपी कैशियर के पास से उसका संदिग्ध मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
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डिजिटल सबूत: जांच टीम को संदेह है कि इस मोबाइल में गबन की राशि के लेन-देन, चैट्स और अन्य सहयोगियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपी हो सकती हैं।
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सिंडिकेट की आशंका: पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घोटाले में बैंक के कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति भी शामिल थे।
जांच का दायरा बढ़ा
एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि आरोपी महिला कैशियर से पूछताछ जारी है। जब्त मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। प्रारंभिक पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि गबन की गई राशि को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था।