Gmail Read Receipt : अब ईमेल पर भी दिखेगा WhatsApp जैसा ‘डबल टिक’, सामने वाला नहीं बना पाएगा बहाना

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Gmail Read Receipt— ऑफिस के कामकाज में ईमेल सबसे भरोसेमंद जरिया है, लेकिन अक्सर “मेल नहीं मिला” या “देखा नहीं” जैसे बहाने जरूरी प्रोजेक्ट्स में देरी का कारण बनते हैं। अब जीमेल (Gmail) यूजर्स के लिए एक ऐसी तकनीक उपलब्ध है जिससे यह पता लगाना आसान हो गया है कि रिसीवर ने आपका मैसेज कब और कितनी बार खोला है। ठीक वॉट्सऐप की तरह, अब आपके भेजे गए ईमेल पर भी ब्लू या ग्रीन डबल टिक दिखाई देगा।

Gmail Read Receipt: अब ईमेल पर भी दिखेगा WhatsApp जैसा ‘डबल टिक’, सामने वाला नहीं बना पाएगा बहाना

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Chrome Extension से खुलेगा ‘रीड’ होने का राज

जीमेल का अपना स्टैंडर्ड वर्जन फिलहाल साधारण यूजर्स को ऑटोमैटिक रीड रिसीट (Read Receipt) की सुविधा नहीं देता। इस कमी को दूर करने के लिए Mailtrack जैसे थर्ड-पार्टी क्रोम एक्सटेंशन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसे इंस्टॉल करने के बाद, जैसे ही आप किसी को मेल भेजते हैं, आपके ‘Sent’ फोल्डर में सिंगल टिक दिखाई देता है। जैसे ही सामने वाला व्यक्ति उस मेल को ओपन करता है, वह टिक डबल और रंगीन हो जाता है।

स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस:

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  • अपने डेस्कटॉप पर Chrome Web Store ओपन करें।
  • सर्च बार में ‘Mailtrack’ या ‘Email Tracker’ टाइप करें।
  • ‘Add to Chrome’ बटन पर क्लिक करके इसे एक्सटेंशन के रूप में जोड़ें।
  • अपने उस जीमेल अकाउंट से लॉगिन करें जिसका आप अक्सर इस्तेमाल करते हैं।
  • अब मेल कंपोज करते समय आपको नीचे की तरफ एक छोटा चेक-मार्क आइकन दिखेगा, जो ट्रैकिंग एक्टिव होने का संकेत है।

Voices from the Ground / Expert Opinion

“डिजिटल कम्युनिकेशन में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। ईमेल ट्रैकिंग टूल्स न केवल यह बताते हैं कि मेल पढ़ा गया है, बल्कि यह भी डेटा देते हैं कि उसे किस डिवाइस पर खोला गया। यह प्रोफेशनल अकाउंटेबिलिटी (जवाबदेही) तय करने का एक बेहतरीन तरीका है।”
— आकाश शर्मा, सीनियर आईटी कंसल्टेंट

Impact on Users / सावधानी भी है जरूरी

यह ट्रिक उन लोगों के लिए गेम-चेंजर है जो सेल्स, मार्केटिंग या फ्रीलांसिंग में हैं और क्लाइंट के रिस्पॉन्स का इंतजार करते हैं। हालांकि, इसमें प्राइवेसी का पहलू भी शामिल है। फ्री वर्जन में अक्सर “Sent with Mailtrack” का सिग्नेचर साथ जाता है, जिसे हटाने के लिए प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। इसके अलावा, विशेषज्ञों की सलाह है कि बहुत ज्यादा संवेदनशील या कॉन्फिडेंशियल डेटा वाले मेल के लिए केवल भरोसेमंद और वेरिफाइड एक्सटेंशन का ही चुनाव करें।

 

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