संसद में ‘महायुद्ध’ पर संग्राम’ ईरान-इजरायल जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बोली- स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर बहस को तैयार

नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज हंगामेदार रहा। सोमवार (9 मार्च 2026) को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध के मुद्दे पर सरकार को घेरा। जहां विपक्ष पश्चिम एशिया के हालातों पर विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा था, वहीं सरकार ने स्पष्ट किया कि वह लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।

विपक्ष की मांग: ‘ईरान युद्ध’ का भारत पर असर

विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) ने सदन में तख्तियां लहराते हुए जमकर नारेबाजी की। विपक्षी नेताओं, विशेषकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना था कि ईरान में चल रही जंग का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वहां रहने वाले लाखों भारतीयों पर पड़ रहा है।

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  • ऊर्जा संकट का डर: विपक्ष ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे भारत में महंगाई चरम पर पहुंच सकती है।

  • मौन पर सवाल: विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए सदन में चर्चा की मांग की।

सरकार का रुख: जयशंकर ने दिया बयान

भारी शोर-शराबे के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक स्वत: संज्ञान बयान (Suo Moto Statement) दिया।

  • भारतीयों की सुरक्षा: उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि खाड़ी देशों और ईरान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

  • कूटनीतिक प्रयास: जयशंकर ने कहा कि भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति बहाली का पक्षधर रहा है।

  • विपक्ष का वॉकआउट: हालांकि, विपक्ष इस संक्षिप्त बयान से संतुष्ट नहीं हुआ और विस्तृत चर्चा की मांग को लेकर सदन से वॉकआउट कर दिया।

स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर घमासान

सदन में एक और बड़ा मुद्दा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion) रहा।

  • सरकार की चुनौती: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। हम स्पीकर को हटाने के उनके प्रस्ताव पर बहस के लिए तैयार हैं, लेकिन वे हंगामा कर सदन नहीं चलने दे रहे।”

  • प्रस्ताव का आधार: विपक्ष ने स्पीकर पर ‘एकतरफा व्यवहार’ करने का आरोप लगाते हुए 118 सांसदों के हस्ताक्षर वाला नोटिस दिया है।

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