चेकिंग पॉइंट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा
मामला शहर के व्यस्ततम इलाके का है, जहां पुलिस की टीम देर रात सड़क पर ब्रेथ एनालाइजर लेकर जांच कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार को रोका गया। वाहन चालक की पहचान स्थानीय बीजेपी नेता के रूप में हुई। जब ट्रैफिक पुलिस ने उसे टेस्ट कराने को कहा, तो वह भड़क उठा। आरोपी ने बीच सड़क पर टीआई की वर्दी उतरवाने की धमकी दी और जमकर हंगामा किया। चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी काफी नशे में था और वह लगातार अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर पुलिस पर दबाव बना रहा था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
नेताओं और रसूखदारों के दबाव को दरकिनार करते हुए, रायपुर पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लिया। ट्रैफिक टीआई की शिकायत पर संबंधित थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने और पुलिस अधिकारी के साथ बदसलूकी करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
“कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह किसी भी दल का व्यक्ति हो। वर्दी पर हाथ डालने या ड्यूटी कर रहे अधिकारी को धमकाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। आरोपी के खिलाफ मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के आधार पर सख्त केस बनाया गया है।”
— एसपी सिटी, रायपुर
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि वीआईपी मूवमेंट या राजनीतिक रसूख के नाम पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा। शहर के तेलीबांधा, जयस्तंभ चौक और वीआईपी रोड जैसे इलाकों में चेकिंग अभियान और तेज कर दिया गया है। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे चेकिंग के दौरान पुलिस का सहयोग करें। ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में पकड़े जाने पर अब न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि सरकारी काम में बाधा डालने पर जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।