तेहरान/तेल अवीव | ईरान और इजराइल के बीच जारी ‘2026 के भीषण युद्ध’ के दौरान ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के लिए काम करने वाले एक कथित जासूस को फांसी दे दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमले चरम पर हैं। ईरानी न्यायपालिका की आधिकारिक वेबसाइट ‘मिजान’ (Mizan) ने इस फांसी की पुष्टि की है।
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जासूसी के आरोप और फांसी:
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दोषी की पहचान: फांसी पर लटकाए गए व्यक्ति की पहचान कौरोश कीवानी (Kourosh Keyvani) के रूप में हुई है।
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क्या था आरोप? उस पर आरोप था कि उसने ईरान के बेहद संवेदनशील सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और अहम गोपनीय जानकारियां मोसाद के अधिकारियों को भेजी थीं।
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मिसाइल ठिकानों की रेकी: बताया जा रहा है कि उसने उन इलाकों की भी जानकारी साझा की थी जहां से ईरान इजराइल पर हमले की योजना बना रहा था।
इजराइल पर ईरान का बड़ा मिसाइल अटैक
फांसी की इस कार्रवाई के साथ ही जमीनी स्तर पर युद्ध और तेज हो गया है। बुधवार को ईरान ने इजराइल के मध्य हिस्से और तेल अवीव को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी।
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तेल अवीव में तबाही: इस हमले में तेल अवीव के पास रामत गन (Ramat Gan) इलाके में दो लोगों की मौत की खबर है।
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साइरन की गूंज: पूरे मध्य इजराइल में घंटों तक हवाई हमले के साइरन गूंजते रहे और इजराइल के ‘आयरन डोम’ व ‘एरो’ डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही ध्वस्त कर दिया।
युद्ध का कारण और वर्तमान स्थिति
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संघर्ष फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। ताजा तनाव ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जनरल की हत्या के बाद और बढ़ गया है। ईरान ने कसम खाई है कि वह अपने नेताओं की मौत का “निर्णायक बदला” लेगा।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
ईरान के इन हमलों का असर केवल इजराइल तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने भी अपने हवाई क्षेत्रों में कई ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट (नष्ट) करने की सूचना दी है। अमेरिका ने भी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और ईरान के मिसाइल लॉन्च पैड्स पर ‘बंकर बस्टर’ बमों से हमला किया है।