- बड़ा बयान: पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया के संघर्ष को भारत की आर्थिक सुरक्षा के लिए चिंताजनक बताया।
- इम्पैक्ट: युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रास्ते (Trade Routes) बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
- रणनीति: प्रधानमंत्री ने भविष्य की अप्रत्याशित चुनौतियों के लिए ‘सतर्क और तैयार’ रहने का निर्देश दिया।
PM Modi Rajya Sabha Speech 2026 , नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में पश्चिम एशिया (West Asia) के बिगड़ते हालातों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह संकट केवल एक क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव भारत तक पहुँच रहे हैं। पीएम ने आगाह किया कि व्यापारिक मार्ग बाधित होने से भारत के सामने नई और कठिन चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने देश को हर स्थिति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
ट्रेड रूट्स पर संकट: अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ा खतरा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक मोर्चे पर पड़ने वाले असर को प्रमुखता से रखा। पश्चिम एशिया में जारी खींचतान ने वैश्विक सप्लाई चेन को हिलाकर रख दिया है। भारत के लिए यह स्थिति इसलिए गंभीर है क्योंकि हमारे ऊर्जा और व्यापार के मुख्य रास्ते इसी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं।
- व्यापारिक मार्ग: लाल सागर और आसपास के क्षेत्रों में तनाव से माल ढुलाई महंगी और जोखिम भरी हुई।
- सुरक्षा: भारतीय जहाजों और हितों की रक्षा के लिए नौसेना पहले से ही हाई अलर्ट पर है।
- चुनौतियां: पीएम ने इन्हें ‘अप्रत्याशित’ बताते हुए कहा कि रणनीति में बदलाव जरूरी है।
मोदी ने जोर देकर कहा कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भारत मूकदर्शक नहीं बना रह सकता। सरकार की प्राथमिकता भारतीय नागरिकों और देश के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने विपक्षी दलों और विशेषज्ञों से भी इन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता की उम्मीद जताई।
“पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनक हैं। इसका सीधा असर हमारे व्यापारिक रास्तों पर पड़ा है। वैश्विक स्तर पर जो अनिश्चितता पैदा हुई है, उसके प्रति हमें सावधान, सतर्क और पूरी तरह तैयार रहना होगा। हमारे सामने ऐसी चुनौतियां हैं जिनकी कल्पना पहले नहीं की गई थी।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (राज्यसभा में संबोधन के दौरान)