बलौदा बाजार/गिरौदपुरी: छत्तीसगढ़ के आस्था के केंद्र और प्रमुख धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम में आज दोपहर आग ने जमकर कहर बरपाया। एक अप्रत्याशित हादसे में करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण आगजनी की वजह बंदरों की उछल-कूद बनी, जिसके कारण बिजली के ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते दुकानों में आग फैल गई।
लाखों की संपत्ति जलकर हुई राख
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गिरौदपुरी धाम परिसर के पास स्थित दुकानों के ऊपर लगे ट्रांसफार्मर पर बंदरों का एक झुंड उछल-कूद कर रहा था। इसी दौरान तारों के आपस में टकराने से जोरदार धमाका हुआ और शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारियों ने पास की अस्थायी दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि जब तक दुकानदार संभल पाते, उनकी दुकानें और उसमें रखा लाखों का सामान जलकर कोयला बन गया।
ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, दमकल विभाग पर फूटा गुस्सा
आग लगने के बाद स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन संसाधन कम होने के कारण आग फैलती गई। दुकानदारों का आरोप है कि घटना की सूचना के करीब एक घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, तब तक सब कुछ जल चुका था।
पुलिस जांच और मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलते ही गिरौदपुरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभावित दुकानदारों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है, क्योंकि इस आगजनी में उनका रोजगार पूरी तरह छिन गया है।
“शॉर्ट सर्किट की चिंगारी ने पलक झपकते ही पूरी दुकान को राख कर दिया। हमारी आंखों के सामने सब जल गया और हम बेबस देखते रह गए।” > — पीड़ित दुकानदार