- बड़ा उल्लंघन: बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की आधिकारिक पुष्टि के बावजूद चूजों की सप्लाई बेखौफ जारी है।
- दिल्ली कनेक्शन: रविवार को दिल्ली से चूजों की एक विशाल खेप ट्रेन के जरिए बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंची।
- प्रशासनिक रोक: जिला प्रशासन ने संक्रमण रोकने के लिए मुर्गियों और संबंधित उत्पादों की बिक्री पर पहले ही कड़ा प्रतिबंध लगा रखा है।
Bilaspur Bird Flu Alert 2026 , बिलासपुर — बिलासपुर में बर्ड फ्लू के संक्रमण ने प्रशासन की ‘फील्डिंग’ को चुनौती दे दी है। जिले में वायरस की पुष्टि होने के बाद जहां एक तरफ मुर्गियों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध (Ban) है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली से ट्रेन के जरिए चूजों की सप्लाई का एक नया ‘स्पेल’ शुरू हो गया है। रविवार को बिलासपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चूजों से भरे बॉक्स का ढेर देखकर यात्रियों और स्थानीय प्रशासन के बीच हड़कंप मच गया। यह सीधे तौर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, जो पूरे शहर को संक्रमण के ‘रेड जोन’ में धकेल सकता है।
प्रोटोकॉल की धज्जियां: स्टेशन परिसर बना ‘हॉटस्पॉट’
हैरानी की बात यह है कि जब जिले में हाई अलर्ट घोषित है, तब दिल्ली से इतनी बड़ी खेप बिना किसी जांच या रोक-टोक के स्टेशन तक कैसे पहुंच गई? स्टेशन परिसर में एकत्रित इन चूजों के डेस्टिनेशन को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
- सप्लाई चेन: रविवार सुबह दिल्ली से आई ट्रेन से ये चूजे उतारे गए और स्टेशन परिसर में ही जमा कर दिए गए।
- गोपनीयता: सप्लाई कहां होनी है और इसका रिसीवर कौन है, इस पर संबंधित लोग चुप्पी साधे हुए हैं।
- स्वास्थ्य जोखिम: संक्रमण के दौर में खुलेआम चूजों का ट्रांसपोर्टेशन वायरस के प्रसार को ‘सुपरफास्ट’ बना सकता है।
स्थानीय विक्रेताओं और पोल्ट्री फार्म संचालकों के लिए प्रशासन ने सख्त गाइडलाइंस जारी की थीं, लेकिन स्टेशन पर पहुंची इस खेप ने सुरक्षा व्यवस्था के दावों को ‘क्लीन बोल्ड’ कर दिया है।
“बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद मुर्गियों की बिक्री और परिवहन पर रोक लगाई गई है। स्टेशन पर चूजों की खेप पहुंचने की जानकारी मिली है। हम मामले की जांच कर रहे हैं और यह पता लगा रहे हैं कि बिना अनुमति के यह सप्लाई कैसे हुई। दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।”
— जिला प्रशासन अधिकारी, बिलासपुर