- बड़ी त्रासदी: बिहारशरीफ के मघड़ा गांव स्थित शीतला माता मंदिर में भगदड़ मचने से 8 महिलाओं ने अपनी जान गंवाई।
- भीड़ का दबाव: चैत्र माह के आखिरी मंगलवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े थे, जिससे सुरक्षा घेरा टूट गया।
- इलाज जारी: 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Nalanda Temple Stampede 2026 , बिहारशरीफ — नालंदा जिले के मघड़ा गांव में आज सुबह भक्ति का माहौल मातम में बदल गया। चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार के अवसर पर शीतला माता मंदिर में पूजा के लिए उमड़ी हजारों की भीड़ अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते मंदिर परिसर में भगदड़ मच गई, जिसमें दबने से 8 महिला श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि पुलिस और मंदिर प्रशासन की ‘फील्डिंग’ पूरी तरह फेल हो गई और लोग एक-दूसरे को रौंदते हुए आगे बढ़ने लगे।
मैदान पर अव्यवस्था: जब ‘क्राउड कंट्रोल’ बना सबसे बड़ी चुनौती
मंगलवार को मघड़ा मंदिर में पूजा का विशेष महत्व है। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी थीं, लेकिन जैसे ही पट खुले, भीड़ का ‘स्कोर’ क्षमता से बाहर हो गया।
- घटना का समय: मंगलवार सुबह जब मंदिर में महाआरती और विशेष पूजा चल रही थी।
- हताहतों का आंकड़ा: अब तक 8 मौतों की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं।
- घायलों का रेस्क्यू: स्थानीय लोगों और प्रशासन ने तुरंत घायल 6 से अधिक श्रद्धालुओं को मॉडल अस्पताल पहुंचाया।
भीषण गर्मी और उमस के बीच संकरी गलियों में हजारों लोगों का प्रवेश इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। जैसे ही शोर मचा, मंदिर के निकास द्वार पर दबाव बढ़ गया, जिससे जमीन पर गिरे लोग फिर संभल नहीं पाए।
“भीड़ का अंदाजा पहले से था, लेकिन चैत्र के आखिरी मंगलवार होने के कारण संख्या अचानक लाखों में पहुंच गई। सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, लेकिन भगदड़ के क्षणों में सब कुछ अनियंत्रित हो गया। हम घायलों को सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा मुहैया कराने पर ध्यान दे रहे हैं।”
— जिला प्रशासन अधिकारी, नालंदा