Deepak Batti Rules Vastu : मंदिर में बत्ती का ‘सिलेक्शन’, क्या आप भी कर रहे हैं गलती? लंबी और गोल बत्ती के अंतर से बदलें अपना ‘भाग्य’

  • लंबी बत्ती (Long Wick): वंश वृद्धि, धन और समृद्धि के लिए कुल देवी-देवताओं के सामने जलाई जाती है।
  • गोल बत्ती (Round Wick): ज्ञान और शांति के लिए ब्रह्मा, विष्णु और शिव जैसे मुख्य देवों के लिए उपयुक्त।
  • स्ट्रेटजी: गलत बत्ती का चुनाव आपकी प्रार्थना के ‘स्कोरकार्ड’ को प्रभावित कर सकता है।

Deepak Batti Rules Vastu , नई दिल्ली — घर के मंदिर में दीया जलाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का एक बड़ा ‘पावरप्ले’ है। अक्सर हम बिना सोचे-समझे रुई की बत्ती उठाते हैं और उसे जला देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र की पिच पर हर बत्ती का अपना अलग ‘स्ट्राइक रेट’ होता है। गोल बत्ती (Phool Batti) और लंबी बत्ती के बीच का चुनाव यह तय करता है कि आपकी प्रार्थना सीधे ‘गोल’ (Goal) तक पहुँचेगी या नहीं।

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मैदान पर नियम: लंबी बनाम गोल बत्ती

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में बत्ती का चुनाव आपकी इच्छाओं पर निर्भर करता है। अगर आप गलत फॉर्मेशन के साथ खेल रहे हैं, तो मेहनत के बावजूद फल मिलना मुश्किल हो सकता है।

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  • लंबी बत्ती का अटैकिंग रोल: यदि आप परिवार में सुख-समृद्धि और धन चाहते हैं, तो लंबी बत्ती का इस्तेमाल करें। इसे माँ लक्ष्मी, सरस्वती और कुल देवी-देवता के सामने जलाना सबसे ज्यादा असरदार होता है। इससे वंश वृद्धि और आर्थिक लाभ का रास्ता साफ होता है।
  • गोल बत्ती का डिफेंस: गोल बत्ती को ‘फूल बत्ती’ भी कहते हैं। यह ज्ञान, शांति और मोक्ष का प्रतीक है। इसे तुलसी के पास या मंदिर में भगवान शिव और विष्णु जी के सामने जलाएं। यह घर के क्लेश को दूर कर मन को शांत रखती है।
  • एक खास नियम: पितरों की पूजा के लिए हमेशा लंबी बत्ती का प्रयोग करें, लेकिन याद रहे कि उसका मुख दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए।

वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग केवल सुख-शांति चाहते हैं, वे गोल बत्ती का सहारा लेते हैं, जबकि सांसारिक सफलता और तरक्की चाहने वाले लंबी बत्ती के साथ ‘बैटिंग’ करते हैं।

“दीपक की बत्ती केवल प्रकाश नहीं फैलाती, बल्कि वह आपकी भावनाओं का संवाहक है। लंबी बत्ती वंश बढ़ाती है, जबकि गोल बत्ती ईश्वर के प्रति समर्पण का भाव जगाती है। वास्तु के अनुसार इनका सही चुनाव अनिवार्य है।”
— वास्तु विशेषज्ञ एवं ज्योतिषाचार्य

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