- बड़ा डिमोशन: आम आदमी पार्टी (AAP) ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाने के लिए सचिवालय को पत्र लिखा है।
- टाइम-आउट: पार्टी ने मांग की है कि राघव चड्ढा को ‘आप’ के कोटे से सदन में बोलने का समय न दिया जाए।
- नया सिलेक्शन: राघव की जगह अशोक मित्तल को सदन में पार्टी का नया चेहरा बनाने का अनुरोध किया गया है।
Raghav Chadha Rajya Sabha Post , नई दिल्ली — आम आदमी पार्टी के ‘ड्रेसिंग रूम’ से आज एक चौंकाने वाली खबर आई। पार्टी ने अपने स्टार खिलाड़ी राघव चड्ढा को राज्यसभा की ‘कैप्टेंसी काउंसिल’ से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। गुरुवार को ‘आप’ ने राज्यसभा सचिवालय को एक कड़ा पत्र भेजकर राघव को डिप्टी लीडर के पद से हटाने की सिफारिश की। यह फैसला केवल पद छीनने तक सीमित नहीं है; पार्टी ने राघव के ‘बैटिंग टाइम’ यानी सदन में बोलने के समय पर भी रोक लगाने की मांग की है।
मैदान पर ‘चक्रव्यूह’: क्यों कटे चड्ढा के पंख?
राघव चड्ढा, जिन्हें अब तक पार्टी का सबसे भरोसेमंद स्ट्राइकर माना जाता था, अब अपनी ही टीम के आरोपों के घेरे में हैं। अरविंद केजरीवाल के सिपाही उन पर अनुशासनहीनता और ‘डर’ के आरोप लगा रहे हैं।
- हटाने का अनुरोध: पार्टी ने आधिकारिक तौर पर अशोक मित्तल का नाम डिप्टी लीडर के लिए आगे बढ़ाया है।
- कोटा ब्लॉक: पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि राघव चड्ढा को ‘आप’ कोटे के तहत आवंटित समय का उपयोग करने की अनुमति न दी जाए।
- रणनीतिक बदलाव: इसे पार्टी के भीतर एक बड़े ‘लाइन-अप’ बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ पुराने दिग्गजों की जगह नए चेहरों को फील्डिंग दी जा रही है।
इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। इसे चड्ढा के लिए एक ‘रेड कार्ड’ माना जा रहा है, क्योंकि अब वे सदन में अपनी बात रखने के लिए पार्टी के समर्थन पर निर्भर नहीं रह पाएंगे।
“तुम डर गए हो राघव। अब समय आ गया है कि टीम की कमान उन हाथों में हो जो बिना डरे अपनी बात रख सकें। पार्टी ने अशोक मित्तल को इस जिम्मेदारी के लिए तैयार किया है।”
— आम आदमी पार्टी के सूत्र