CG DA Hike : छत्तीसगढ़ के लाखों श्रमिकों को बड़ी सौगात; न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, जानें अब कितनी मिलेगी सैलरी

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत कुशल और अकुशल श्रमिकों को बड़ी राहत दी है। श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत नई परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) और न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित कर दी हैं। शासन के इस फैसले से प्रदेश के 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत लाखों श्रमिकों की जेब में अब हर महीने अधिक पैसे आएंगे।

क्यों बढ़ी दरें? (औद्योगिक सूचकांक का आधार)

आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के मध्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) में 11.28 अंकों की औसत वृद्धि दर्ज की गई है। इसी वृद्धि को आधार मानते हुए राज्य शासन ने महंगाई भत्ते में संशोधन किया है।

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वेतन में कितनी हुई बढ़ोतरी?

  • महंगाई भत्ता: श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की सीधी वृद्धि की गई है।

  • दैनिक वेतन: मासिक वृद्धि के आधार पर दैनिक वेतन भोगियों की मजदूरी में भी आनुपातिक बढ़ोतरी होगी।

  • प्रभाव: यह नई दरें कृषि, उद्योग, और अन्य सरकारी व निजी संस्थानों में कार्यरत 45 श्रेणी के श्रमिकों पर लागू होंगी।

विभिन्न श्रेणियों के लिए नई न्यूनतम वेतन दरें (अनुमानित)

न्यूनतम वेतन में वृद्धि के बाद अब अलग-अलग श्रेणियों के लिए दरें इस प्रकार प्रभावी होंगी:

श्रमिक श्रेणी न्यूनतम मासिक वेतन (पुराना) महंगाई भत्ता वृद्धि नया संभावित मासिक वेतन
अकुशल (Unskilled) ₹10,900 + ₹226 ₹11,126
अर्धकुशल (Semi-skilled) ₹11,550 + ₹226 ₹11,776
कुशल (Skilled) ₹12,330 + ₹226 ₹12,556
उच्च कुशल (Highly Skilled) ₹13,110 + ₹226 ₹13,336

कृषि श्रमिकों को भी विशेष लाभ

जारी निर्देशों के अनुसार, केवल औद्योगिक ही नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों के लिए भी न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन किया गया है। अगरतला (त्रिपुरा) स्थित लेबर ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर कृषि श्रमिकों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि का लाभ मिलेगा।

कब से लागू होंगी नई दरें?

शासन के निर्देशानुसार ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। इसका अर्थ है कि श्रमिकों को अप्रैल महीने के वेतन में यह बढ़ी हुई राशि जुड़कर मिलेगी।

“श्रमिकों के आर्थिक हितों की रक्षा करना हमारी प्राथमिकता है। औद्योगिक सूचकांक में वृद्धि के अनुरूप महंगाई भत्ते को समायोजित किया गया है ताकि श्रमिक बढ़ती महंगाई का सामना कर सकें।” —

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