छत्तीसगढ़ के खजाने में ‘Mineral’ की चमक’ राजस्व में 14% का उछाल, 16,625 करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

रायपुर, 05 अप्रैल 2026। प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर छत्तीसगढ़ ने Mineral ‘ राजस्व संग्रहण के मामले में एक बार फिर अपनी धाक जमाई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन पर राज्य के खनिज विभाग ने शानदार आंकड़े पेश किए हैं। प्रदेश ने इस साल कुल 16,625 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व अर्जित किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह राशि सरकार द्वारा निर्धारित वार्षिक लक्ष्य का लगभग 98 फीसदी है।

पांच वर्षों की औसत वृद्धि को पछाड़ा

खनिज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष दर्ज की गई 14% की वृद्धि दर पिछले पांच वर्षों की औसत वृद्धि दर से कहीं अधिक है। यह दर्शाता है कि राज्य में खनन गतिविधियों में न केवल तेजी आई है, बल्कि राजस्व प्रबंधन में भी पारदर्शिता और कुशलता बढ़ी है।

CG BREAKING : बस्तर-कोरापुट में आधी रात भूकंप से दहशत’ 4.4 तीव्रता के झटकों से घरों से बाहर भागे लोग

Advertisement

इन खनिजों ने भरा सरकारी खजाना

राजस्व में इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी के पीछे मुख्य रूप से कोयला, लौह अयस्क (Iron Ore), चूना पत्थर (Limestone) और बॉक्साइट का बड़ा योगदान रहा है।

  • कोयला: राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा कोयला उत्खनन से प्राप्त हुआ है।

  • लौह अयस्क: दंतेवाड़ा और कांकेर क्षेत्र से लौह अयस्क के उत्पादन में वृद्धि ने राजस्व को नई ऊंचाई दी।

  • लघु खनिज: रेत और अन्य निर्माण खनिजों से भी आय में सुधार देखा गया है।

सचिव पी. दयानंद ने बताए वृद्धि के मुख्य कारण

खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने इस सफलता का श्रेय बेहतर नीतिगत निर्णयों और निगरानी को दिया है। उनके अनुसार वृद्धि के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. डिजिटलीकरण और ऑनलाइन मॉनिटरिंग: ‘खनिज ऑनलाइन’ पोर्टल के माध्यम से पारगमन पास (TP) और रॉयल्टी भुगतान की प्रक्रिया को सख्त बनाया गया, जिससे चोरी रुकी।

  2. नई खदानों का आवंटन: पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के जरिए नई खनिज ब्लॉक्स का आवंटन समय पर पूरा किया गया।

  3. उत्पादन में वृद्धि: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की प्रमुख खदानों में उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई।

  4. नियमित समीक्षा: जिला स्तर पर खनिज अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय और अवैध उत्खनन पर की गई कड़ी कार्रवाई।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

खनिज राजस्व का एक बड़ा हिस्सा जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) में भी जाता है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाता है। राजस्व में हुई इस वृद्धि से राज्य सरकार को अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं और अधोसंरचना विकास (Infrastructure) के लिए अतिरिक्त वित्तीय मजबूती मिलेगी।

Spread the love
Advertisement