रायपुर/अंबिकापुर, 05 अप्रैल 2026। अंबिकापुर में एक 45 वर्षीय महिला के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की वारदात ने छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल ला दिया है। इस संवेदनशील मामले पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री Vijay Sharma ‘ का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और वे जल्द ही कानून की गिरफ्त में होंगे। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा की जा रही घेराबंदी और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है।
‘आरोपी स्थानीय हैं, जल्द होगी गिरफ्तारी’
राजधानी रायपुर में मीडिया से चर्चा करते हुए गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अंबिकापुर की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। उन्होंने बताया:
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पुलिस की शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इस कृत्य में शामिल अपराधी स्थानीय ही हैं।
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संदिग्धों को चिन्हांकित (Identify) कर लिया गया है और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
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गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिंहदेव पर पलटवार: ‘सरकार को दंड देने का अधिकार नहीं’
इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा सरकार से ‘कड़ी कार्रवाई और तुरंत दंड’ की मांग किए जाने पर विजय शर्मा ने उन पर तीखा हमला बोला।
“सरकार को सीधे दंड देने का अधिकार नहीं है, यह काम न्यायालय का है। क्या टीएस सिंहदेव जैसे सुलझे हुए व्यक्ति को यह पता नहीं है? उनसे इस तरह की राजनीति की उम्मीद नहीं थी।” — विजय शर्मा, गृहमंत्री
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और पुलिस प्रशासन का काम मजबूती से साक्ष्य (Evidence) जुटाकर कोर्ट के सामने पेश करना है। सरकार का पूरा प्रयास रहेगा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और दोषी को तुरंत फांसी की सजा मिले।
अंबिकापुर में तनाव और पुलिस की सक्रियता
इधर, अंबिकापुर में घटना को लेकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शहर के रिंग रोड और महामाया द्वार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सरगुजा रेंज के आईजी और एसपी खुद मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस को इतना मजबूत बनाया जा रहा है कि आरोपियों को बचने का कोई रास्ता न मिले।
सियासी सरगर्मी तेज
सिंहदेव और विजय शर्मा के बीच हुई इस जुबानी जंग ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को फिर से केंद्र में ला दिया है। विपक्ष जहां इसे सरकार की विफलता बता रहा है, वहीं सत्ता पक्ष का कहना है कि वे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं और न्याय प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।