- बड़ा नुकसान: अफ्रीकन स्वाइन फीवर ने मचाई तबाही, फार्म मालिक को लगा 1.20 करोड़ रुपये का तगड़ा फटका।
- एक्शन मोड: पशुपालन विभाग ने 150 संक्रमित सूअरों को इंजेक्शन देकर मारा, संक्रमण रोकने की कवायद।
- अगला कदम: मुडपार और आसपास के इलाकों में आवाजाही पर कड़ी निगरानी, सैनिटाइजेशन जारी।
CG Animal Husbandry Department , मुडपार — छत्तीसगढ़ के मुडपार गांव में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) ने भारी तबाही मचाई है। इस जानलेवा वायरस ने एक ही फार्म में 300 से अधिक सूअरों की जान ले ली। सोमवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब पशुपालन विभाग की टीम ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़ा फैसला लिया। विशेषज्ञों ने फार्म में बचे हुए 150 सूअरों को ‘कलिंग’ (Culling) प्रक्रिया के तहत मार दिया। इस पूरी त्रासदी ने फार्म मालिक को करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये के गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है।
ऑपरेशन क्लीन: पीपीई किट में उतरी डॉक्टरों की टीम
पशुपालन विभाग की टीम पूरी तैयारी के साथ मुडपार पहुंची। डॉक्टरों और अधिकारियों ने पीपीई किट पहनकर फार्म के भीतर मोर्चा संभाला। वायरस का प्रसार इतना तेज है कि प्रोटोकॉल के तहत बचे हुए जानवरों को भी मारना अनिवार्य हो गया था। टीम ने न केवल संक्रमित जानवरों को हटाया, बल्कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाए।
“वायरस का फैलाव रोकने के लिए कलिंग ही एकमात्र रास्ता था। हमने सभी मृत और मारे गए सूअरों को फार्म के पीछे गहरे गड्ढे खोदकर सुरक्षित तरीके से दफना दिया है।” — वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी