- बड़ा स्कोर: बीजेपी ने महिलाओं के लिए हर महीने ₹3000 की नकद सहायता का ऐलान किया।
- स्ट्रेटेजी: सरकार बनने के 6 महीने के भीतर राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का वादा।
- स्लोगन: “भरोसे का शपथ प्रकाश, भय नहीं भरोसा”—कोलकाता के भव्य मंच से गूंजा नया नारा।
Amit Shah Bharosa Patra , कोलकाता — पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ‘फाइनल मैच’ से ठीक पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी का मास्टरप्लान मैदान पर उतार दिया है। कोलकाता में आयोजित एक मेगा इवेंट में शाह ने पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया गया है। बीजेपी ने इस बार ऐसी ‘पिच’ तैयार की है जो सीधे तौर पर महिला वोटर्स और हिंदुत्व के एजेंडे को टारगेट करती है।
मैदान का हाल: ₹3000 की ‘फ्री-हिट’ और UCC की ‘बाउंसर’
अमित शाह ने मेनिफेस्टो के जरिए विरोधियों के डिफेंस को तोड़ने के लिए बड़े वित्तीय वादे किए हैं। बीजेपी ने बंगाल की महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना के मुकाबले ₹3000 की बड़ी राशि का कार्ड खेला है। यह कदम राज्य के वोटिंग पैटर्न में एक बड़ा ‘टर्न’ ला सकता है।
- महिला विंग: हर महीने ₹3000 का वित्तीय सपोर्ट सीधे बैंक खातों में भेजने का वादा।
- कानूनी स्ट्राइक: सत्ता में आने के महज 180 दिनों के भीतर UCC का कार्यान्वयन।
- सुरक्षा घेरा: घुसपैठ रोकने के लिए जीरो-टोलरेंस पॉलिसी और सख्त सीमा प्रबंधन।
- डेवलपमेंट ड्रिल: कोलकाता को ग्लोबल फाइनेंशियल हब बनाने के लिए विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज।
“यह केवल कागजी वादे नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के साथ हमारा ‘भरोसा’ है। हम भय के शासन को खत्म कर विकास और विश्वास की नई पारी शुरू करने के लिए तैयार हैं।” — अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री