- बड़ा स्कोर: 1 DVCM, 3 ACM/PPCM और 1 कैडर सदस्य ने किया आत्मसमर्पण।
- प्राइस टैग: DVCM सदस्य पर 3 लाख और ACM रैंक पर 1-1 लाख रुपये का ईनाम था।
- गेम चेंजर: ‘ऑपरेशन कागर’ और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव ने नक्सलियों को मैदान छोड़ने पर किया मजबूर।
Chhattisgarh Andhra Border Naxal Update , आंध्र प्रदेश — आंध्र प्रदेश पुलिस ने माओवादी नेटवर्क के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी ‘पिच’ पर एक और शानदार जीत दर्ज की है। छत्तीसगढ़ और आंध्र के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बने पीपुल्स लिबरेशन गुरीला आर्मी (PLGA) के पांच प्रमुख सदस्यों ने शुक्रवार को एसपी अमित बरदार के सामने सरेंडर कर दिया। यह आत्मसमर्पण रेड कॉरिडोर में माओवादियों के घटते प्रभाव का स्पष्ट संकेत है।
मैदान का हाल: ‘ऑपरेशन कागर’ ने ध्वस्त किया नक्सलियों का डिफेंस
सुरक्षा बलों ने पिछले कुछ महीनों में अपनी आक्रामक रणनीति से नक्सलियों के गढ़ में सेंध लगा दी है। एसपी अमित बरदार के अनुसार, ‘ऑपरेशन कागर’ के तहत की गई घेराबंदी और पुनर्वास नीति के कारण नक्सलियों के पास मैदान छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
- स्क्वाड का विवरण: सरेंडर करने वालों में एक डीवीसीएम (DVCM) रैंक का टॉप कमांडर शामिल है।
- आर्थिक चोट: इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर लाखों रुपये का सरकारी ईनाम घोषित था।
- लोकेशन: यह दस्ता छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के दुर्गम इलाकों में सक्रिय था, जो कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा है।
“सुरक्षा बलों के निरंतर दबाव और सरकार की बेहतर पुनर्वास नीति ने इन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ने के लिए प्रेरित किया। यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में स्थायी शांति की ओर एक बड़ा कदम है।” — अमित बरदार, एसपी