Relief From Traffic Jams In The Capital : ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, 694 करोड़ से बनेगा रिंग रोड-5

रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ की राजधानी में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। शहर में जल्द ही 11 किलोमीटर लंबे रिंग रोड-5 का निर्माण शुरू होगा, जिसके लिए शासन द्वारा 694 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। यह नया मार्ग चंदनीडीह से शुरू होकर महादेवघाट और खारुन नदी के किनारे से होते हुए पुराना धमतरी रोड स्थित खिलोरा तक जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रायपुर के शहरी इलाकों में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकना और आम जनता को जाम की समस्या से निजात दिलाना है।

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लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इस विशाल प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के अंतर्गत चंदनीडीह से भाठागांव तक लगभग 7.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होगा। वहीं, दूसरे चरण में भाठागांव से लेकर खारुन नदी के रास्ते खिलोरा (पुराना धमतरी रोड) तक 3.5 किलोमीटर के हिस्से का चौड़ीकरण और निर्माण कार्य किया जाएगा। इस रिंग रोड-5 के बन जाने से धमतरी और दुर्ग की ओर से आने वाले ट्रैफिक को शहर के भीतर आने की आवश्यकता नहीं होगी।

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परियोजना की एक बड़ी विशेषता चंदनीडीह रेलवे क्रॉसिंग पर बनने वाला भव्य ओवरब्रिज है। रेलवे क्रॉसिंग के पास अक्सर लगने वाले लंबे जाम को खत्म करने के लिए यहाँ 110 करोड़ रुपए की लागत से एक ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, खारुन नदी के किनारे प्रस्तावित इस सड़क से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि नदी तट के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रोजेक्ट की प्रमुख विशेषताएं:

  • कुल लंबाई: 11 किलोमीटर।

  • अनुमानित लागत: 694 करोड़ रुपए।

  • ओवरब्रिज: चंदनीडीह रेलवे क्रॉसिंग पर 110 करोड़ का नया ब्रिज।

  • रूट: चंदनीडीह – महादेवघाट – खारुन नदी तट – खिलोरा।

  • चरण: दो चरणों में निर्माण कार्य संपन्न होगा।

रिंग रोड-5 के निर्माण से भाठागांव बस टर्मिनल और महादेवघाट जैसे व्यस्त इलाकों में वाहनों का घनत्व कम होगा। रायपुर के रिंग रोड-1 और रिंग रोड-2 पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। प्रशासन ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण और सर्वेक्षण की प्रारंभिक प्रक्रिया को गति दे दी है।

फिलहाल, तकनीकी मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर जोर दिया जाएगा, ताकि राजधानी के नागरिकों को जल्द से जल्द इस नई सड़क सुविधा का लाभ मिल सके।

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