नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi’ ने मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को देश की महिलाओं के नाम एक विशेष पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के महत्व को रेखांकित किया है। इस पत्र के माध्यम से पीएम मोदी’ ने अपनी सरकार की उस ऐतिहासिक प्रतिबद्धता को दोहराया है, जिसके तहत साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने दशकों से लंबित इस संकल्प को साकार करने को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह कानून देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नई शक्ति प्रदान करेगा।
दशकों का इंतजार हुआ खत्म
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि महिला आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से अधर में लटका हुआ था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित होने के साथ ही भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने लिखा कि यह केवल एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि देश की उन करोड़ों महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपना जीवन समर्पित कर दिया है।
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महिला नेतृत्व और सशक्तिकरण पर जोर
पीएम मोदी ने पत्र में इस बात पर विशेष बल दिया है कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल महिलाओं का विकास नहीं, बल्कि ‘महिला नेतृत्व वाला विकास’ (Women-led Development) है।
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स्वयं सहायता समूहों की सराहना: प्रधानमंत्री ने गांवों और कस्बों में सक्रिय स्वयं सहायता समूहों की सफलता की जमकर प्रशंसा की।
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विभिन्न क्षेत्रों में योगदान: खेल, विज्ञान, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
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आर्थिक आत्मनिर्भरता: सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में आए सुधार का भी जिक्र किया।
2029 के चुनावों पर खास नजर
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा। 2029 के आम चुनावों में सदन के भीतर महिलाओं की आवाज और अधिक प्रखर होगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आरक्षण के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ने से जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता आएगी।
भविष्य का संकल्प
पीएम मोदी ने देश की मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने वादा किया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए निरंतर नए कदम उठाती रहेगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।