जशपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में असामाजिक तत्वों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे आस्था के केंद्रों को भी नहीं बख्श रहे हैं। सोमवार (13 अप्रैल 2026) की रात जिले के मनोरा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नन्हेसर में स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में चोरी की बड़ी घटना हुई। अज्ञात चोरों ने न केवल मंदिर में धावा बोला, बल्कि गर्भगृह में स्थापित पवित्र शिवलिंग को ही उखाड़कर अपने साथ ले गए। मंगलवार सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे, तब इस प्राचीन मंदिर में चोरी का खुलासा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
आस्था के केंद्र पर चोट, ग्रामीण आक्रोशित
नन्हेसर स्थित यह शिव मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए गहरी आस्था का केंद्र है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मंदिर अत्यंत प्राचीन है और यहां की मूर्तियां ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। प्राचीन मंदिर में चोरी की इस वारदात ने ग्रामीणों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। लोगों ने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़कर शिवलिंग की बरामदगी की जाए, अन्यथा ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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पुलिस कार्रवाई: पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
चोरों के निशाने पर प्राचीन धरोहरें
जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ प्राचीन मंदिरों और पुरातात्विक मूर्तियों के लिए भी जाना जाता है। पिछले कुछ समय में जिले के विभिन्न हिस्सों में मूर्तियों और मंदिरों के सामान की चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं। जानकारों का मानना है कि इसके पीछे कोई ऐसा गिरोह सक्रिय हो सकता है जो प्राचीन मूर्तियों की तस्करी करता है। प्राचीन मंदिर में चोरी की इस नई घटना ने मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच और सुरक्षा के इंतजाम
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस की टीम और डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है। पुलिस आसपास के संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और जिले के बाहर जाने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग तेज कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का आश्वासन है कि जल्द ही दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।