Women Reservation Bill नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल से जुड़े संशोधनों पर बोलते हुए कहा कि महिलाओं को अधिकार देने में राजनीति नहीं होनी चाहिए और जिनकी नीयत में खोट है, उन्हें देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।
PM मोदी का बड़ा बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जब-जब चुनाव हुए, महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को जनता ने सख्त सजा दी है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है।
मोदी ने यह भी कहा कि उन्हें इस बिल का श्रेय नहीं चाहिए और वे “क्रेडिट का ब्लैंक चेक” देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का हक है और इसे देना सरकार का कर्तव्य है।
विपक्ष का पलटवार
वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब “नारी” को सिर्फ नारा बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी अपने संगठन में महिलाओं को पर्याप्त स्थान नहीं देती, वह उनके सम्मान की बात कैसे कर सकती है।
कांग्रेस ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि परिसीमन बिल के जरिए महिला आरक्षण को लागू करने में देरी की जा रही है।
संसद में होगी लंबी चर्चा
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों पर संसद में 16 और 17 अप्रैल को करीब 15 घंटे की चर्चा तय की गई है। इसके बाद 17 अप्रैल शाम 4 बजे मतदान होगा।
संशोधन प्रस्ताव में लोकसभा सांसदों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की बात भी शामिल है, जिसे लेकर भी बहस जारी है।
राजनीतिक माहौल गरम
संसद में इस मुद्दे को लेकर माहौल काफी गरम है। जहां एक ओर सरकार इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति में बड़ा केंद्र बिंदु बना रहेगा।