“कोयला घोटाले की आंच”: आई-पैक के डायरेक्टर गिरफ्तार
हमें मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 को हुई जब ईडी ने आई-पैक के को-फाउंडर और डायरेक्टर विनेश चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार किया. जांच एजेंसी ने ₹50 करोड़ के संदिग्ध मनी ट्रेल का दावा किया है, जिसे कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए कोयला घोटाले से आई-पैक के खातों में ट्रांसफर किया गया था. आई-पैक का विधाननगर ऑफिस अब पूरी तरह सूना पड़ा है, जहां कभी चुनावी रणनीतियों का ताना-बाना बुना जाता था |
इस संकट के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी आक्रामक शैली दिखाई है. ताराकेश्वर की रैली में ममता ने कहा कि अगर एजेंसी आई-पैक को डराती है, तो वह उनके सभी 1300 कर्मियों को अपनी पार्टी में नौकरी दे देंगी. ममता का यह बयान ठीक वैसा ही है जैसे एक कोच अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए खुद मैदान पर उतर आए. हालांकि, विपक्ष इसे ‘चोरी और सीनाजोरी’ बता रहा है |
आई-पैक ने अपने स्टाफ को 20 दिनों की छुट्टी पर भेजा है और 11 मई 2026 को स्थिति की समीक्षा करने की बात कही है. सूत्रों के अनुसार, फर्म के मुख्य सर्वर और डेटाबेस को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है क्योंकि ईडी ने कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ज़ब्त किए हैं. यह सुरक्षा और डेटा को लेकर चल रही जंग अब प्लेऑफ की दौड़ से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है |
“यह सिर्फ़ एक एजेंसी की रेड नहीं, बल्कि बंगाल के लोकतंत्र पर हमला है. भाजपा चुनाव जीतने के लिए हमारे रणनीतिकारों को निशाना बना रही है. अगर आई-पैक के लोग घर बैठेंगे, तो टीएमसी का हर कार्यकर्ता अब रणनीतिकार बनेगा. हम डरने वाले नहीं हैं.”