Big Revelation of Cyber Fraud In CG : साइबर ठगी का ‘म्यूल अकाउंट’ नेटवर्क ध्वस्त’ 300 से अधिक खातों से करोड़ों का खेल, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दुर्ग, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर ठगी का एक बेहद संगठित और व्यापक नेटवर्क सामने आया है, जहाँ ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस की सघन जांच में यह खुलासा हुआ है कि जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 300 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को खपाने के लिए किया जा रहा था।

क्या हैं ‘म्यूल अकाउंट’?

साइबर अपराधी आम लोगों को मामूली कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते खुलवाते हैं। इन खातों का उपयोग ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है, ताकि पुलिस की पकड़ से बचा जा सके। तकनीकी भाषा में इन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है।

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संगठित अपराध का खुला सच

पुलिस की जांच में जिले के कई प्रमुख थाना क्षेत्रों में इस जाल के फैले होने के सबूत मिले हैं:

  • मोहन नगर: यहाँ के एक मामले में 111 बैंक खातों के जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन का खुलासा हुआ है।

  • सुपेला: इस क्षेत्र में 105 बैंक खातों का उपयोग कर 1 करोड़ रुपए से अधिक का फर्जी ट्रांजेक्शन किए जाने की पुष्टि हुई है।

  • अन्य क्षेत्र: वैशाली नगर और पद्मनाभपुर थाना क्षेत्रों में भी दर्जनों ऐसे खातों की पहचान हुई है, जिनसे ठगी की रकम का आदान-प्रदान किया जा रहा था।

पुलिस का एक्शन और खुलासा

दुर्ग पुलिस ने इस संगठित नेटवर्क को तोड़ने के लिए ‘समन्वय पोर्टल’ और अन्य तकनीकी इनपुट्स का सहारा लिया। हालिया कार्रवाई में पुलिस ने 11 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो खाताधारकों को लालच देकर उन्हें अपराधी गिरोहों से जोड़ते थे। गिरफ्तार आरोपियों में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं, जो आर्थिक प्रलोभन में आकर अपने खाते साइबर अपराधियों को सौंप देते थे।

पुलिस की आम जनता से अपील

साइबर सेल के अधिकारियों ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा है:

  1. खाता साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी न दें।

  2. लालच से बचें: कमीशन के लालच में अपना खाता किसी को किराए पर देना या उपयोग करने देना कानूनी अपराध है।

  3. संदेह होने पर सूचित करें: यदि आपके खाते में कोई संदिग्ध लेनदेन होता है, तो तुरंत अपने बैंक और नजदीकी पुलिस स्टेशन या ‘1930’ साइबर हेल्पलाइन पर सूचित करें।

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