पुराने सिस्टम पर ब्रेक, अब डिजिटल एंट्री
विभागीय निर्देश के मुताबिक, अब ऑफलाइन प्रक्रिया खत्म। स्क्रीन पर क्लिक, आवेदन दर्ज—और स्लॉट बुक। जो पहले पहुंचेगा, वही मौका ले जाएगा। यह बदलाव सीधे तौर पर पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है।पहले जहां आवंटन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते थे, वहीं अब डिजिटल ट्रैकिंग और टाइम-स्टैम्प से पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड में रहेगी।
कौन कर सकेगा आवेदन?
- लाइसेंसधारी विक्रेता और पात्र आवेदक
- निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन जरूरी
- दस्तावेज अपलोड और सत्यापन अनिवार्य
आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी, जिससे किसी भी तरह की मैनुअल हस्तक्षेप की गुंजाइश कम हो जाएगी।