
एक के बाद एक आरोप, विभाग सख्त
विभागीय जानकारी के अनुसार, हाल के महीनों में कई शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा प्रश्नपत्र को लेकर विवाद बढ़ा। कामकाज में ढिलाई की रिपोर्ट आई। फाइलें अटकी रहीं। और फिर वित्तीय लेन-देन पर सवाल उठे। इन सबके बाद विभाग ने फौरन कदम उठाया—निलंबन आदेश जारी। संकेत साफ है, अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
जांच का दायरा बढ़ेगा
निलंबन के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू होने की संभावना है। रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। भुगतान फाइलें चेक होंगी। परीक्षा से जुड़े दस्तावेज फिर से देखे जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया, “मामला सिर्फ एक शिकायत तक सीमित नहीं था। कई स्तर पर इनपुट मिले, तब यह फैसला लिया गया।”