कोलकाता में बढ़ी हलचल, पार्टी दफ्तर के बाहर जुटे समर्थक
सुबह से ही कोलकाता में बीजेपी कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखाई दी। ढोल, पोस्टर और नारे। माहौल पूरी तरह चुनावी जीत जैसा नजर आया। कई समर्थक मोबाइल पर लाइव अपडेट देखते दिखे। हवा में उत्सुकता साफ महसूस हो रही थी।
सूत्रों का दावा है कि विधायक दल की बैठक में पहले पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट रखी जाएगी। इसके बाद विधायक अपने नेता के नाम पर सहमति देंगे। अंतिम ऐलान अमित शाह कर सकते हैं। पार्टी के भीतर संगठन और प्रशासनिक अनुभव को सबसे बड़ा पैमाना माना जा रहा है। बीजेपी के अंदर जिन चार नामों की चर्चा तेज है, उनमें संगठन से जुड़े वरिष्ठ चेहरे और युवा नेतृत्व दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी ने अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
दिल्ली से लेकर बंगाल तक नजरें इस फैसले पर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस बार ऐसा चेहरा सामने ला सकती है जो बंगाल में लंबे समय तक पार्टी को मजबूत आधार दे सके। सिर्फ चुनाव जीतना काफी नहीं होगा। सरकार चलाने की क्षमता, प्रशासनिक पकड़ और क्षेत्रीय संतुलन भी अहम भूमिका निभाएंगे। एक वरिष्ठ नेता ने ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत में कहा कि पार्टी इस फैसले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। अंदरूनी समीकरणों पर लगातार चर्चा हुई है।