CMO की नियुक्ति ने बढ़ाई सियासी गर्मी
राज्य सचिवालय के गलियारों में सुबह से इसी फैसले की चर्चा रही। कई वरिष्ठ अधिकारी और राजनीतिक पर्यवेक्षक इस नियुक्ति को सीधे मुख्यमंत्री के भरोसेमंद सर्कल से जोड़कर देख रहे हैं। बताया जा रहा है कि वेट्रिवेल लंबे समय से मुख्यमंत्री विजय के करीबी सलाहकार माने जाते रहे हैं।
चेन्नई के नब्ज को समझने वाले राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं होती। यह पद राजनीतिक रणनीति, समन्वय और फैसलों तक सीधी पहुंच रखने वाला माना जाता है। ऐसे में इस नियुक्ति ने विपक्ष को भी हमला करने का मौका दे दिया है। सचिवालय परिसर में दिनभर मीडिया की हलचल बनी रही। कुछ कर्मचारी आपस में यही चर्चा करते दिखे कि आखिर इतनी अहम पोस्टिंग को लेकर सरकार क्या संदेश देना चाहती है। आप लगभग महसूस कर सकते थे कि सत्ता के गलियारों में हर कोई इस फैसले के राजनीतिक असर को समझने की कोशिश कर रहा था।
मानवीय और राजनीतिक दोनों संदेश
मुख्यमंत्री विजय की राजनीति हमेशा पारंपरिक शैली से अलग मानी जाती रही है। फिल्मी दुनिया से राजनीति तक पहुंचे विजय ने अपने भरोसेमंद लोगों को साथ रखने की रणनीति पहले भी अपनाई है। इस फैसले को उसी कड़ी में देखा जा रहा है। हालांकि विपक्षी दल इसे पेशेवर प्रशासनिक ढांचे पर सवाल खड़ा करने वाला कदम बता सकते हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि आने वाले महीनों में मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यशैली में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।