Manipur Militant Attack : कांगपोकपी में बड़ा उग्रवादी हमला, 3 कुकी चर्च नेताओं की मौत’ क्षेत्र में तनाव के बाद ‘टोटल शटडाउन

Manipur Militant Attack : मणिपुर।’ के कांगपोकपी जिले में बुधवार सुबह एक भीषण उग्रवादी हमले ने राज्य को एक बार फिर दहला दिया है। अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों द्वारा किए गए इस हमले में कुकी समुदाय के तीन प्रमुख चर्च नेताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

यह घटना उस समय हुई जब ये नेता चुराचांदपुर से एक शांति बैठक में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में कुकी संगठनों ने जिले में अनिश्चितकालीन ‘टोटल शटडाउन’ का ऐलान किया है।

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कैसे हुआ हमला? (घटना का विवरण)

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हमला बुधवार सुबह कांगपोकपी जिले के टाइगर रोड पर कोटलेन और कोटजिम गांवों के बीच हुआ।

  • घात लगाकर हमला: हथियारबंद उग्रवादियों ने पहले से ही पहाड़ी रास्तों पर घात लगा रखी थी। जैसे ही चर्च नेताओं के दो वाहन वहां से गुजरे, उग्रवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी।

  • शांति दूतों को बनाया निशाना: पीड़ित ‘थादौ बैपटिस्ट एसोसिएशन’ (TBA) के सदस्य थे और हाल ही में नगालैंड में समुदायों के बीच सुलह और शांति बहाली की कोशिशों में शामिल थे।

हमले में जान गंवाने वाले नेताओं की पहचान

इस कायराना हमले में मारे गए नेताओं की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. रेवरेंड वी. सिटलहौ: TBA के अध्यक्ष और मणिपुर बैपटिस्ट कन्वेंशन के पूर्व महासचिव।

  2. रेवरेंड वी. काइगौलेन: प्रमुख चर्च नेता।

  3. पास्टर पाओगौलेन : स्थानीय पादरी।

इस हमले में ड्राइवर सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

क्षेत्र में तनाव और ‘टोटल शटडाउन’

घटना के तुरंत बाद पूरे कांगपोकपी और आसपास के कुकी-बहुली इलाकों में भारी तनाव फैल गया है।

  • NH-2 जाम: गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-2 (NH-2) को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे मणिपुर का नगालैंड से संपर्क टूट गया है।

  • संगठनों की मांग: ‘कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन’ (KSO) और ‘कुकी इनपी’ ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “शांति की कोशिशों पर हमला” बताया है। संगठनों ने केंद्र सरकार से दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन

हमले की सूचना मिलते ही असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है। पहाड़ी इलाकों में उग्रवादियों की तलाश के लिए एक बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए ड्रोन और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मदद ली जा रही है।

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