सुबह की बारिश ने बदला शहर का मिजाज
आसमान अचानक काले बादलों से भर गया। कुछ ही मिनटों में तेज हवा चली और फिर बूंदों ने तपती सड़कों को भिगो दिया। मौसम बदलते ही लोग घरों की बालकनी और दुकानों के बाहर निकल आए। कई जगह बच्चों ने बारिश में भीगकर मौसम का आनंद लिया।
तापमान सामान्य दिनों की तुलना में काफी नीचे आ गया। सड़क किनारे चाय दुकानों पर भीड़ बढ़ गई। गर्म हवाओं की जगह ठंडी हवा चलने लगी। हवा में मिट्टी की खुशबू साफ महसूस हो रही थी। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में यह बदलाव देखने को मिला है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और महासमुंद समेत कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई।
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26 मई तक केरल पहुंचेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई 2026 तक केरल पहुंच सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे इसका असर मध्य भारत में भी दिखाई देगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मौजूदा सिस्टम सक्रिय रहा, तो इस बार मानसून सामान्य समय के आसपास छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है। हालांकि अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। कई इलाकों में तेज हवा और वज्रपात का खतरा बना रह सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।