CG NEWS : रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब लगाम कसने की तैयारी शुरू हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी और जांच समितियों के गठन का आदेश जारी कर दिया है। इस संबंध में मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश भेजे गए हैं।
क्या है नया फैसला?
राज्य सरकार के इस फैसले के तहत अब हर जिले में समितियां बनाई जाएंगी, जो निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगी। ये समितियां फीस वसूली, किताब-कॉपी, यूनिफॉर्म और अन्य शुल्कों में हो रही अनियमितताओं की जांच करेंगी।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
पिछले कुछ समय से अभिभावकों द्वारा लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि निजी स्कूल—
- मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहे हैं
- तय दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव डालते हैं
- अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं
इन्हीं शिकायतों को देखते हुए सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है।
समितियों की भूमिका क्या होगी?
निगरानी और जांच समितियां—
- अभिभावकों की शिकायतों की सुनवाई करेंगी
- स्कूलों में औचक निरीक्षण करेंगी
- नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की अनुशंसा करेंगी
- रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन और विभाग को सौंपेंगी
कलेक्टरों को मिली जिम्मेदारी
सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में समितियों का गठन कर उन्हें सक्रिय करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष समाधान हो।
अभिभावकों को बड़ी राहत
इस फैसले के बाद अभिभावकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। अब वे अपनी शिकायत सीधे समितियों तक पहुंचा सकेंगे और उन्हें समय पर न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी।
स्कूलों में बढ़ेगी जवाबदेही
सरकार के इस कदम से निजी स्कूलों की जवाबदेही तय होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिससे मनमानी पर अंकुश लगेगा।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की निगरानी व्यवस्था से शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी और छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।