“रोजगार का बड़ा मौका — तेल अवीव.पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजरायल में भारतीय कामगारों की संख्या में बड़ा इजाफा होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच हुए होलिया समझौते के तहत अगले पांच वर्षों में 50,000 अतिरिक्त भारतीय युवाओं को इजरायल भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, श्रम शक्ति की भारी कमी को देखते हुए भविष्य में इस संख्या को एक लाख तक पहुंचाया जा सकता है। वर्तमान में भी भारत के हजारों युवा वहां के निर्माण और सेवा क्षेत्र को संभाल रहे हैं।

एयरपोर्ट से लेकर वर्कसाइट तक: इजरायल में बढ़ती भारतीय मौजूदगी
तेल अवीव के बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही भारतीय प्रवासियों की एक बड़ी तादाद सुरक्षा जांच और इमिग्रेशन काउंटर पर नजर आती है। दुबई या अबू धाबी की तरह अब इजरायल भी भारतीयों के लिए रोजगार का नया गढ़ बन रहा है। ये युवा मुख्य रूप से निर्माण कार्य (कंसट्रक्शन), देखभाल (केयरगिविंग) और होटल इंडस्ट्री में काम करने के लिए पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद, ये कामगार वहां के ऊंचे वेतन और बेहतर सुविधाओं के कारण इस अवसर को चुन रहे हैं।
संघर्ष के बीच सुरक्षा और सतर्कता का माहौल
इस समय पूरे इजरायल में लगभग 20,000 भारतीय कार्यरत हैं। पिछले कुछ महीनों से जारी युद्ध के माहौल के बीच इन कामगारों ने खुद को ढाल लिया है। जब भी तेल अवीव या अन्य शहरों में मिसाइल हमले का सायरन बजता है, ये कामगार स्थानीय नागरिकों की तरह तुरंत नजदीकी बम शेल्टरों का रुख करते हैं। सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के कारण अब तक भारतीय कामगार सुरक्षित माहौल में अपना काम पूरा कर रहे हैं।
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रोजगार के नए अवसर और भर्ती प्रक्रिया
भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय और इजरायल के संबंधित विभागों के बीच हुई इस डील से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों के युवाओं को सीधा फायदा मिल रहा है। सरकारी एजेंसियों के माध्यम से ही इन युवाओं की स्क्रीनिंग और ट्रेनिंग की जा रही है ताकि धोखाधड़ी की गुंजाइश न रहे। आने वाले महीनों में सरकारी पोर्टल्स पर इसके लिए नए आवेदन शुरू होने की उम्मीद है, जिसके तहत युवाओं को सुरक्षित रूट से इजरायल भेजा जाएगा।