वानखेड़े स्टेडियम का वाकया: जब स्टैंड में गई गेंद
लीग के इस महत्वपूर्ण मुकाबले में Arjun Tendulkar अपनी टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरे। उन्होंने पहले गेंदबाजी में कसी हुई लाइन-लेंथ से विपक्षी टीम को रोका और फिर बल्लेबाजी में ताबड़तोड़ रन बनाए। पारी के 14वें ओवर के दौरान अर्जुन ने लेग साइड की तरफ एक गगनचुंबी छक्का जड़ा। गेंद सीधे वानखेड़े स्टेडियम के सचिन तेंदुलकर स्टैंड में बैठे एक 8 वर्षीय बच्चे के हाथ पर जाकर लगी। गेंद लगते ही बच्चा दर्द से रोने लगा, जिससे आस-पास के दर्शकों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। मैदान पर तैनात मेडिकल टीम ने तुरंत स्टैंड में पहुंचकर बच्चे को प्राथमिक उपचार (First Aid) दिया।
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मैच के ठीक बाद स्टैंड्स पहुंचे अर्जुन तेंदुलकर
मैच के दौरान ही अर्जुन तेंदुलकर को इस घटना की जानकारी मिल गई थी। अपनी टीम को मैच जिताने के तुरंत बाद, अर्जुन बिना समय गंवाए सीधे उस स्टैंड की तरफ बढ़े जहां वह बच्चा अपने माता-पिता के साथ बैठा था। अर्जुन ने बच्चे के पास जाकर उसका हालचाल पूछा, उसे दुलारा और अपनी एक साइन की हुई जर्सी उसे उपहार में दी। अर्जुन ने बच्चे के परिवार से माफी भी मांगी और आश्वस्त किया कि यह महज एक दुर्घटना थी।
सुरक्षा मानकों पर चर्चा और आगे की स्थिति
इस घटना के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के अधिकारियों ने स्टैंड्स में सुरक्षा जाली (Safety Nets) को लेकर अनौपचारिक चर्चा की है। वानखेड़े स्टेडियम के निचले स्टैंड्स में अक्सर तेज शॉट सीधे दर्शकों तक पहुंचते हैं। एसोसिएशन के एक पदाधिकारी के अनुसार, आगामी मैचों में विशेष रूप से बच्चों और परिवारों के बैठने वाले ब्लॉक में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। अर्जुन तेंदुलकर का यह कदम खेल भावना की एक मिसाल बन गया है और सोशल मीडिया पर स्थानीय मुंबईकर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
