आकाशीय बिजली और तूफान से यूपी-बिहार में हाहाकार — उत्तर भारत में सक्रिय हुए तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते गुरुवार और शुक्रवार को मौसम ने अचानक भयानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों में आई भीषण आंधी, मूसलाधार बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) के कारण कम से कम 16 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मौसम विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देश के 16 राज्यों के लिए आज आंधी, ओलावृष्टि और 70 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का हाई अलर्ट जारी किया है।

बिहार के 5 जिलों में मची भारी तबाही, वज्रपात ने ली 10 जानें
बिहार में मानसून के प्रवेश के साथ ही आकाशीय बिजली का सबसे घातक रूप देखने को मिला, जहां कुल 10 लोगों की मौत दर्ज की गई है। सबसे हृदयविदारक घटना खगड़िया जिले के बेलदौर इलाके में सामने आई, जहां खेत में मक्का काट रहे एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों—दादा, बेटे और पोते की वज्रपात की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा मधेपुरा के आलमनगर में एक दंपती ने दम तोड़ दिया। भागलपुर के नारायणपुर, सहरसा और जमुई जिलों में भी बिजली गिरने से मौतें हुई हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल 10 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
उत्तर प्रदेश में दीवार गिरने और बिजली से हादसा
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य इलाकों में गुरुवार देर रात 70 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली और आंधी के दौरान पेड़ व दीवार गिरने से 6 लोगों की जान चली गई है। जालौन और कौशाम्बी के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान देखा गया। कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ने से ग्रामीण अंचलों में करीब 14 घंटे से अधिक समय से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
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दिल्ली-NCR में 90 KM की स्पीड से तूफान का खतरा, IMD का रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। राजधानी में 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चलने और ओलावृष्टि की प्रबल आशंका है। प्रशासन ने जलभराव और पेड़ गिरने की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम की टीमों को अलर्ट पर रखा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे जलभराव वाले अंडरपास और कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचें।