Government Alert : देश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच गृह मंत्रालय के Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने मोबाइल यूजर्स के लिए अहम चेतावनी जारी की है। I4C के साइबर जागरूकता अभियान साइबर दोस्त के अनुसार, यदि आपके मोबाइल नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव होने का SMS आता है, तो उसे गंभीरता से लें।

क्या है नया नियम?
अब किसी भी मोबाइल नंबर पर कॉल फॉरवर्डिंग सेवा सक्रिय होने पर संबंधित यूजर को तुरंत SMS अलर्ट भेजा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य साइबर ठगों द्वारा किए जाने वाले कॉल फॉरवर्डिंग फ्रॉड पर रोक लगाना है।
NEET UG 2026 Re-Exam : 22.80 लाख उम्मीदवारों का बड़ा एग्जाम, परीक्षा केंद्रों पर भारी भीड़
SMS मिलते ही क्या करें?
यदि आपने खुद कॉल फॉरवर्डिंग की रिक्वेस्ट नहीं की है और फिर भी ऐसा मैसेज मिलता है, तो तुरंत अपने फोन से ##002# डायल करें। इससे आपके नंबर पर सक्रिय सभी कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी।
ठग कैसे बनाते हैं शिकार?
साइबर अपराधी अक्सर खुद को बैंक, टेलीकॉम कंपनी या किसी सरकारी संस्था का कर्मचारी बताकर यूजर्स को कुछ कोड डायल करने के लिए कहते हैं। ऐसा करने पर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो सकती है और आपके नंबर पर आने वाली कॉल व OTP उनके पास पहुंच सकते हैं।
बैंक खाते को हो सकता है नुकसान
कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ठग बैंकिंग OTP हासिल कर सकते हैं। इसके बाद वे बैंक खाते से पैसे निकालने, ऑनलाइन अकाउंट हैक करने और आपकी डिजिटल पहचान का दुरुपयोग करने जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं।
ICC Tournament : खिलाड़ियों की थकान और दबाव पर बोले गावस्कर, BCCI की कार्यशैली पर उठे सवाल
खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई कोड डायल न करें।
कॉल फॉरवर्डिंग संबंधी SMS को हमेशा जांचें।
संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत ##002# डायल करें।
बैंकिंग OTP किसी के साथ साझा न करें।
साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
मदद के लिए कहां करें शिकायत?
किसी भी साइबर फ्रॉड या संदिग्ध गतिविधि की शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर की जा सकती है।
छोटी सी सतर्कता आपको बड़े वित्तीय नुकसान और साइबर धोखाधड़ी से बचा सकती है।