Bhupesh Baghel रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए दावा किया कि भाजपा नेताओं के बीच अंदरूनी मतभेद का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ा है। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भूपेश बघेल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी की स्थिति सुधारे और भाजपा नेताओं को आपस में लड़ाने की कोशिश न करे।
सोमवार तड़के नकटी गांव में प्रशासन ने बिजली आपूर्ति बंद कर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए करीब 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। प्रभावित लोगों का आरोप है कि पुनर्वास के नाम पर बड़े परिवारों को केवल एक कमरा दिया जा रहा है, जहां बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
इस बीच कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय देर रात प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले वे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। सांसद ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि बरसात तक किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन के साथ समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इसी मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों को पहले यह पता नहीं था कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल और मुख्यमंत्री के बीच अनबन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि ग्रामीण ओपी चौधरी के घर गए होते तो शायद उनके मकान नहीं टूटते, लेकिन वे बृजमोहन अग्रवाल के पास गए, इसलिए अगले ही दिन बुलडोजर चला दिया गया।
भूपेश बघेल के इस बयान पर मंगलवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल अपनी पार्टी पर ध्यान दें और भाजपा नेताओं के बीच विवाद पैदा करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के मुद्दों पर कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।