CG News : रायपुर। राजधानी रायपुर के माना क्षेत्र स्थित नकटी गांव में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चल रहे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह ने बड़ा बयान दिया है। प्रस्तावित विधायक कॉलोनी को लेकर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस जमीन को लेकर विवाद सामने आया है, वह हाउसिंग बोर्ड की नहीं, बल्कि राजस्व विभाग के अधिकार क्षेत्र में आती है। उनके इस बयान के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
प्रेसवार्ता में रखा हाउसिंग बोर्ड का पक्ष
रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान अनुराग सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाए जाने की जो बातें सामने आ रही हैं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव, योजना या परियोजना नहीं है। इसलिए इस मुद्दे को हाउसिंग बोर्ड से जोड़ना उचित नहीं होगा।
विवादित जमीन राजस्व विभाग के अधीन
हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिस भूमि को लेकर विवाद चल रहा है, उसका स्वामित्व और प्रशासनिक नियंत्रण राजस्व विभाग के पास है। उन्होंने कहा कि यदि उस जमीन से संबंधित कोई कार्रवाई हुई है, तो उसका जवाब संबंधित विभाग ही दे सकता है। हाउसिंग बोर्ड का उस जमीन से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
विधायक कॉलोनी की चर्चाओं पर लगाया विराम
पिछले कुछ दिनों से नकटी गांव में प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि वहां विधायक कॉलोनी विकसित की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली। हालांकि अनुराग सिंह के बयान के बाद हाउसिंग बोर्ड की भूमिका को लेकर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बना हुआ है विवाद
नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी जमीन और अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन अपनी कार्रवाई को नियमानुसार बता रहा है। इसी बीच विधायक कॉलोनी की चर्चाओं ने मामले को और अधिक राजनीतिक रंग दे दिया था।
तथ्यों के आधार पर हो चर्चा : अनुराग सिंह
हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने अपील करते हुए कहा कि किसी भी विषय पर बिना आधिकारिक जानकारी के भ्रम फैलाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं और भूमि से जुड़े मामलों में तथ्यों के आधार पर ही चर्चा होनी चाहिए। यदि भविष्य में हाउसिंग बोर्ड की ओर से किसी भी प्रकार की योजना बनाई जाती है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी।
फिलहाल नकटी गांव का मामला राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष के बयान के बाद अब सभी की नजर प्रशासन और राजस्व विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी है। उम्मीद की जा रही है कि संबंधित विभाग जल्द ही विवादित भूमि और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विस्तृत स्थिति स्पष्ट करेगा, जिससे स्थानीय लोगों के बीच फैली आशंकाओं का समाधान हो सके।