Vedanta Plant Accident : रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान वेदांता पावर प्लांट हादसे का मुद्दा जोर-शोर से उठा। विपक्ष ने औद्योगिक दुर्घटनाओं में जिम्मेदारी तय करने और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष ने पूछा कि कंपनी के निदेशक अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर किस आधार पर दर्ज की गई और क्या यह कार्रवाई दबाव बनाने के लिए की गई है।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
प्रश्नकाल में विपक्ष ने औद्योगिक दुर्घटनाओं को लेकर सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए। नेताओं ने पूछा कि क्या भविष्य में होने वाली सभी औद्योगिक दुर्घटनाओं में कंपनी के निदेशक या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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विपक्ष का कहना था कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय कंपनी के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
वेदांता हादसे को लेकर उठे सवाल
वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे ने प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े किए थे। विपक्ष ने विधानसभा में इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
विपक्षी नेताओं ने जानना चाहा कि हादसे के बाद सरकार ने क्या कार्रवाई की और कंपनी प्रबंधन की भूमिका की जांच किस स्तर तक पहुंची है।
उद्योग मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष
मामले पर उद्योग मंत्री की ओर से दिए गए जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।
इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष ने कहा कि औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
औद्योगिक सुरक्षा पर बहस तेज
वेदांता हादसे के बाद प्रदेश में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि ऐसी घटनाओं में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं सरकार का कहना है कि मामले में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।