Kark Sankranti 2026 : सूर्यदेव बदलेंगे राशि, स्नान-दान का शुभ समय और राशिफल एक साथ

Kark Sankranti 2026: The Sun God will change zodiac signs. Kark Sankranti 2026: The Sun God will change zodiac signs.
Kark Sankranti 2026: The Sun God will change zodiac signs.

Kark Sankranti 2026 : सूर्यदेव 16 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 39 मिनट पर मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने की घटना को संक्रांति कहा जाता है और हिंदू धर्म में इसका विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस बार कर्क संक्रांति का प्रभाव 17 अगस्त 2026 की सुबह 7 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान सूर्य का गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डालेगा। साथ ही संक्रांति के पुण्यकाल में स्नान, दान और सूर्य उपासना करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।

Kark Sankranti 2026: The Sun God will change zodiac signs.
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कर्क संक्रांति 2026 का पुण्यकाल
सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश: 16 जुलाई 2026, रात 11:39 बजे
विशेष पुण्यकाल: 16 जुलाई शाम 5:15 बजे से 17 जुलाई सुबह 6:03 बजे तक
सिंह राशि में प्रवेश: 17 अगस्त 2026, सुबह 7:58 बजे

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में चित्रकूट की पवित्र मन्दाकिनी नदी में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि वहां जाना संभव न हो तो किसी भी पवित्र नदी में स्नान किया जा सकता है। वहीं यदि यह भी संभव न हो तो घर पर स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति मानी जाती है।

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कर्क संक्रांति पर स्नान और दान का महत्व

ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार संक्रांति के दिन किया गया स्नान, दान, जप और सूर्य पूजा विशेष फलदायी होती है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, फल और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है। साथ ही सूर्यदेव को जल अर्पित कर आदित्य मंत्र का जाप करने से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बढ़ता है।

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कर्क संक्रांति 2026 का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि

सूर्य चौथे भाव में गोचर करेंगे। भूमि, भवन और वाहन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना रहेगी। मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। उपाय के रूप में अगले 30 दिनों तक किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं।

वृष राशि

तीसरे भाव में सूर्य का गोचर भाई-बहनों का सहयोग बढ़ाएगा। साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धार्मिक कार्यों में सहयोग करना शुभ रहेगा।

मिथुन राशि

दूसरे भाव में सूर्य के आने से धन लाभ के लिए अधिक मेहनत करनी होगी। बातचीत में संयम रखना जरूरी रहेगा। मंदिर में नारियल का दान करना लाभदायक माना गया है।

कर्क राशि

सूर्य लग्न भाव में रहेंगे। सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनेंगे। प्रेम संबंधों में संवेदनशीलता बनाए रखें। प्रतिदिन स्नान के बाद सूर्यदेव को नमस्कार करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

बारहवें भाव में सूर्य का गोचर खर्चों में वृद्धि और आराम में कुछ कमी ला सकता है। घर में सूर्य का प्रकाश आने दें और खिड़कियां-दरवाजे खुले रखें।

कन्या राशि

ग्यारहवें भाव में सूर्य आमदनी बढ़ाने और इच्छाओं की पूर्ति के संकेत दे रहे हैं। संक्रांति की रात सिरहाने पांच बादाम रखकर अगले दिन मंदिर में दान करना शुभ माना गया है।

तुला राशि

दसवें भाव में सूर्य करियर और सरकारी कार्यों में सफलता के लिए मेहनत बढ़ाएंगे। पिता से जुड़े कार्यों में भी धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। सफेद टोपी या पगड़ी पहनना शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशि

नवें भाव में सूर्य भाग्य का साथ देंगे, लेकिन मेहनत जरूरी होगी। रुके हुए कार्य पूरे होने के योग हैं। घर में पीतल के बर्तनों का उपयोग करें और पीतल का दान करने से बचें।

धनु राशि

आठवें भाव में सूर्य व्यापार और पारिवारिक सहयोग के लिए अनुकूल रहेंगे। गाय की सेवा करें और बड़े भाई की सहायता करना शुभ रहेगा।

मकर राशि

सातवें भाव में सूर्य दांपत्य जीवन को मजबूत बनाएंगे। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। जरूरतमंदों को भोजन कराना लाभकारी रहेगा।

कुंभ राशि

छठे भाव में सूर्य शत्रुओं पर विजय, स्वास्थ्य में सुधार और नौकरी में पदोन्नति के संकेत दे रहे हैं। मंदिर में बाजरा दान करना शुभ रहेगा।

मीन राशि

पांचवें भाव में सूर्य शिक्षा, संतान और बुद्धि से जुड़े मामलों में लाभ देंगे। छोटे बच्चों को उपहार देना शुभ माना गया है। गुरु और जीवनसाथी के साथ संबंधों को बेहतर बनाने का प्रयास करें।

कर्क संक्रांति पर करें ये शुभ कार्य
प्रातः स्नान के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
आदित्य हृदय स्तोत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें।
गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं।
तांबे के पात्र से सूर्य को जल अर्पित करें।
गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
अपनी क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें।

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